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मुनस्यारी में पर्यटकों की आमद गिरी
Updated Sat, 19 May 2018 11:12 PM IST
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। भारत के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक हिमनगरी के नाम से प्रसिद्ध मुनस्यारी में मई में पिछले साल की तुलना में सैलानियों की संख्या में भारी कमी आई है। पिछले साल मई में जहां 8700 सैलानी मुनस्यारी पहुंचे थे, वहीं इस बार यह संख्या मात्र 3200 पर अटक गई है।
मुनस्यारी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहां पर देशी, विदेशी पर्यटकों के साथ ही कई दल ट्रेकिंग और पर्वतारोहण के लिए आते रहे हैं। पर्यटन और ट्रेकिंग से मुनस्यारी की आर्थिकी को मजबूती मिलती है। गर्मियों में मुनस्यारी सैलानियों से गुलजार रहता था। इनमें बंगाली पर्यटकों की अच्छी खासी संख्या होती थी।
इस बार मौसम की बेरुखी के साथ ही कई अन्य कारणों से पर्यटन सीजन एक प्रकार से फीका रहा है। होटल एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार मुनस्यारी में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पर्यटकों की आमद में बेहद कमी आई है। पिछले वर्ष मई में जहां लगभग 8700 पर्यटक मुनस्यारी पहुंचे थे, वहीं इस वर्ष 15 मई तक यह आंकड़ा केवल 3200 तक पहुंचा है।
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होटल व्यवसायी पूरन पांडे, नंदा देवी टूर एंड ट्रैक के संचालक बीरू बुग्याल का मानना है कि बंगाल में पंचायत चुनाव, मौसम परिवर्तन, बैंकों और एटीएम में कैश की कमी, मुनस्यारी में नेट की दिक्कत के कारण स्वाइप मशीन का न चलना आदि के कारण सैलानियों की आमद कम हुई है। पूना से चालीस पर्यटकों का दल लेकर मुनस्यारी पहुंचे मिलिंद और कीर्ति का कहना है कि मुनस्यारी पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल है। यदि मुनस्यारी में नगर पंचायत बन जाए तो सफाई और शौचालयों की व्यवस्था दुरुस्त हो सकती है। उनका कहना है कि एटीएम से कैश नहीं निकलने से दिक्कतें आ रही हैं।
ये हैं स्थल दर्शनीय
मुनस्यारी के प्रमुख पर्यटक स्थलों पर खलियाटॉप, थामरी कुंड, कालामुनि मंदिर, मां नंदा देवी मंदिर, मां दुर्गा मंदिर दरकोट, मैसर कुंड, ट्राइबल हेरिटेज म्यूजियम, हॉट वाटर स्प्रिंग मदकोट, बिर्थी वाटर फॉल, मिलम और रालम ग्लेशियर, नंदा देवी, नंदा घुंगटी, बम्पाधूरा, हरदेवल, त्रिशूल, पंचाचूली समेत कई नामी चोटियां और बुग्याल शामिल हैं। इस वर्ष पर्यटकों के दस दल मिलम ट्रेकिंग के लिए जा चुके हैं।
जनप्रतिनिधियों की ओर से नगर पंचायत का प्रस्ताव आता है तो उसे शासन को भेजा जाएगा। मुनस्यारी में सुविधा बढ़ाने की दिशा में वह अपनी ओर से भी प्रयास करेंगे। -कृष्ण नाथ गोस्वामी, उपजिलाधिकारी मुनस्यारी
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मुनस्यारी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहां पर देशी, विदेशी पर्यटकों के साथ ही कई दल ट्रेकिंग और पर्वतारोहण के लिए आते रहे हैं। पर्यटन और ट्रेकिंग से मुनस्यारी की आर्थिकी को मजबूती मिलती है। गर्मियों में मुनस्यारी सैलानियों से गुलजार रहता था। इनमें बंगाली पर्यटकों की अच्छी खासी संख्या होती थी।
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इस बार मौसम की बेरुखी के साथ ही कई अन्य कारणों से पर्यटन सीजन एक प्रकार से फीका रहा है। होटल एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार मुनस्यारी में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पर्यटकों की आमद में बेहद कमी आई है। पिछले वर्ष मई में जहां लगभग 8700 पर्यटक मुनस्यारी पहुंचे थे, वहीं इस वर्ष 15 मई तक यह आंकड़ा केवल 3200 तक पहुंचा है।
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होटल व्यवसायी पूरन पांडे, नंदा देवी टूर एंड ट्रैक के संचालक बीरू बुग्याल का मानना है कि बंगाल में पंचायत चुनाव, मौसम परिवर्तन, बैंकों और एटीएम में कैश की कमी, मुनस्यारी में नेट की दिक्कत के कारण स्वाइप मशीन का न चलना आदि के कारण सैलानियों की आमद कम हुई है। पूना से चालीस पर्यटकों का दल लेकर मुनस्यारी पहुंचे मिलिंद और कीर्ति का कहना है कि मुनस्यारी पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल है। यदि मुनस्यारी में नगर पंचायत बन जाए तो सफाई और शौचालयों की व्यवस्था दुरुस्त हो सकती है। उनका कहना है कि एटीएम से कैश नहीं निकलने से दिक्कतें आ रही हैं।
ये हैं स्थल दर्शनीय
मुनस्यारी के प्रमुख पर्यटक स्थलों पर खलियाटॉप, थामरी कुंड, कालामुनि मंदिर, मां नंदा देवी मंदिर, मां दुर्गा मंदिर दरकोट, मैसर कुंड, ट्राइबल हेरिटेज म्यूजियम, हॉट वाटर स्प्रिंग मदकोट, बिर्थी वाटर फॉल, मिलम और रालम ग्लेशियर, नंदा देवी, नंदा घुंगटी, बम्पाधूरा, हरदेवल, त्रिशूल, पंचाचूली समेत कई नामी चोटियां और बुग्याल शामिल हैं। इस वर्ष पर्यटकों के दस दल मिलम ट्रेकिंग के लिए जा चुके हैं।
जनप्रतिनिधियों की ओर से नगर पंचायत का प्रस्ताव आता है तो उसे शासन को भेजा जाएगा। मुनस्यारी में सुविधा बढ़ाने की दिशा में वह अपनी ओर से भी प्रयास करेंगे। -कृष्ण नाथ गोस्वामी, उपजिलाधिकारी मुनस्यारी