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दो पुस्तकों का एक साथ विमोचन हुआ
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:00 PM IST
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पिथौरागढ़। डा. धर्मानंद भट्ट के उपन्यास अनुराधा और राजेंद्र जोशी की पुस्तक उत्तराखंड का लोक साहित्य पुस्तकों का रविवार को एक साथ यहां बाखली बारातघर में विमोचन किया गया। इन दोनों पुस्तकों के प्रकाशन के लिए प्रदेश के संस्कृति विभाग ने आर्थिक मदद दी थी। बड़ी संख्या में उपस्थित रचनाकर्मियों ने पुस्तकों का विमोचन किया।
डा. धर्मानंद भट्ट ने अपने उपन्यास अनुराधा में पहाड़ की बेटी के संघर्ष को सामने लाने का प्रयास किया है। उपन्यास की पृष्ठभूमि राज्य आंदोलन के साथ जोड़ी गई है। राजेंद्र जोशी की पुस्तक उत्तराखंड का लोक साहित्य में पहाड़ के जनजीवन, यह प्रचलित गीत, जागर, शगुन गीत आदि का विस्तार से वर्णन है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार बीडी कसनियाल, डा. पीतांबर अवस्थी, डा. राजेंद्र पाठक, डा. प्रमोद श्रोत्रिय, डा. आनंदी जोशी, डा. परमानंद चौबे, कवि प्रकाश चंद्र जोशी, जयमाला देवलाल, हेमा थलाल, केडी भट्ट, महेश पुनेठा, चिंतामणि जोशी ने दोनों पुस्तकों की विषयवस्तु पर चर्चा की। विमोचन कार्यक्रम के बाद गोष्ठी हुई और साहित्य को स्थानीय स्तर पर आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई।
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डा. धर्मानंद भट्ट ने अपने उपन्यास अनुराधा में पहाड़ की बेटी के संघर्ष को सामने लाने का प्रयास किया है। उपन्यास की पृष्ठभूमि राज्य आंदोलन के साथ जोड़ी गई है। राजेंद्र जोशी की पुस्तक उत्तराखंड का लोक साहित्य में पहाड़ के जनजीवन, यह प्रचलित गीत, जागर, शगुन गीत आदि का विस्तार से वर्णन है।
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कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार बीडी कसनियाल, डा. पीतांबर अवस्थी, डा. राजेंद्र पाठक, डा. प्रमोद श्रोत्रिय, डा. आनंदी जोशी, डा. परमानंद चौबे, कवि प्रकाश चंद्र जोशी, जयमाला देवलाल, हेमा थलाल, केडी भट्ट, महेश पुनेठा, चिंतामणि जोशी ने दोनों पुस्तकों की विषयवस्तु पर चर्चा की। विमोचन कार्यक्रम के बाद गोष्ठी हुई और साहित्य को स्थानीय स्तर पर आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई।
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