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जिले में 90 फीसदी हिस्सा सूखे की चपेट में
ब्यूरो/अमर उजाला,पिथौरागढ़
Updated Wed, 03 Feb 2016 10:49 PM IST
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जिले में 26331 हेक्टेयर जमीन पर बोई गेहूं की फसल का 90 फीसदी हिस्सा सूखे की चपेट में आ गया है। अभी हालांकि सरकारी तौर पर इसका आकलन नहीं हुआ है, लेकिन किसानों का कहना है कि इस बार स्थिति बेहद विस्फोटक होने जा रही है।
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जिले में सिर्फ 2757 हेक्टेयर में बोए गेहूं को ही सिंचाई की सुविधा मिल पा रही है। अब हर घाटी में लहलहाते खेतों की जगह सूखे और उजाड़ खेत नजर आ रहे हैं। हरी घास और पत्तियां समाप्त होने लगी हैं। इस बार अनाज के साथ-साथ जानवरों के लिए चारे का संकट भी गहरा गया है। शासन से किसी प्रकार के निर्देश नहीं मिलने की वजह से प्रशासन ने अब तक सूखे से पैदा हुई स्थिति का आकलन नहीं किया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब नवंबर में खेतों में बोए गेहूं के बीज अंकुरित नहीं हो पाए हैं। बिना सिंचाई वाले खेतों में ऐसा लग रहा है मानो इनको बंजर छोड़ दिया गया हो।
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जिले में 3537 हेक्टेयर जमीन पर जौ और 4442 हेक्टेयर पर मसूर की फसल बोई गई है। यह फसल भी चौपट होने लगी है। मसूर तो कई स्थानों पर सूखने लगा है। घाटी वाले इलाकों में जहां गेहूं का बेहतरीन उत्पादन होता था, वहां पर इस बार स्थिति भयावह होने जा रही है। किसानों के पास बीज के लिए भी दाना नहीं बचा है। मटर की 61 हेक्टेयर में बोई गई फसल पर भी सूखे का गंभीर असर होने लगा है।
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