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छह हजार की आबादी पेयजल को तरसी
Updated Sat, 07 Jul 2018 11:08 PM IST
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नाचनी (पिथौरागढ़)। मलौन, कोटा, रांया, बजेता, धामीगांव की 6000 की आबादी छह दिन से पानी के लिए तरस गई है। इन गांवों को जलापूर्ति करने वाली चार योजनाएं दो जुलाई को क्षतिग्रस्त हो गई थी, अब तक जल संस्थान और पेयजल निगम ने योजनाओं की सुध नहीं ली है।
दो जुलाई की अतिवृष्टि में जल संस्थान की चिफलुवा-कोटा पेयजल योजना में 200 मीटर पाइप लाइन बह गई। मलौन-कोटा पेयजल योजना में 150 मीटर पाइप लाइन बह गई। रांया-बजेता पेयजल योजना में 110 मीटर पाइप लाइन बह गई। पेयजल निगम की धामीगांव पेयजल योजना में 65 एमएम के 250 मीटर और 25 एमएम के 300 मीटर पाइप लाइन बह गई। चारों योजनाएं क्षतिग्रस्त होने से इन गांवों में पीने के पानी को लेकर हाहाकार मच गया।
कोटा के प्रधान वीरेंद्र सिंह सुयाल, मलौन के प्रधान प्रेम सिंह, धामीगांव की जानकी देवी, बजेता के प्रधान दरपान राम, रांया के प्रधान रमेश राम ने बताया कि छह दिन से ग्रामीण सारा कामकाज छोड़कर केवल पानी के ही इंतजाम में लगे रहते हैं। लोगों को गधेरे से पानी पीना पड़ रहा है।
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वह आपदाग्रस्त क्षेत्र बोना, तोमिक में हैं। पेयजल योजनाओं की मरम्मत के लिए जल संस्थान के अधिकारियों को सूचित कर दिया है। दो दिन बाद वह स्वयं मौके पर आएंगे। पेयजल योजनाओं को सुचारु किया जाएगा। -रंजीत धर्मशक्तू, अधिशासी अभियंता, पेयजल निगम पिथौरागढ़
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दो जुलाई की अतिवृष्टि में जल संस्थान की चिफलुवा-कोटा पेयजल योजना में 200 मीटर पाइप लाइन बह गई। मलौन-कोटा पेयजल योजना में 150 मीटर पाइप लाइन बह गई। रांया-बजेता पेयजल योजना में 110 मीटर पाइप लाइन बह गई। पेयजल निगम की धामीगांव पेयजल योजना में 65 एमएम के 250 मीटर और 25 एमएम के 300 मीटर पाइप लाइन बह गई। चारों योजनाएं क्षतिग्रस्त होने से इन गांवों में पीने के पानी को लेकर हाहाकार मच गया।
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कोटा के प्रधान वीरेंद्र सिंह सुयाल, मलौन के प्रधान प्रेम सिंह, धामीगांव की जानकी देवी, बजेता के प्रधान दरपान राम, रांया के प्रधान रमेश राम ने बताया कि छह दिन से ग्रामीण सारा कामकाज छोड़कर केवल पानी के ही इंतजाम में लगे रहते हैं। लोगों को गधेरे से पानी पीना पड़ रहा है।
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वह आपदाग्रस्त क्षेत्र बोना, तोमिक में हैं। पेयजल योजनाओं की मरम्मत के लिए जल संस्थान के अधिकारियों को सूचित कर दिया है। दो दिन बाद वह स्वयं मौके पर आएंगे। पेयजल योजनाओं को सुचारु किया जाएगा। -रंजीत धर्मशक्तू, अधिशासी अभियंता, पेयजल निगम पिथौरागढ़