{"_id":"59f8af474f1c1bc8678b8885","slug":"71509470023-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक बार फिर बढ़ने लगी सरगर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक बार फिर बढ़ने लगी सरगर्मी
Updated Tue, 31 Oct 2017 10:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धारचूला (पिथौरागढ़)। कांग्रेसी ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की तिथि नजदीक आते ही फिर से सरगर्मी बढ़ने लगी है। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए पांच नवंबर की तिथि तय की है। चार नवंबर की शाम तक यहां सभी क्षेत्र पंचायत सदस्यों के पहुंचने की उम्मीद है। अब सभी की नजर पांच नवंबर को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान पर लगी है।
इस समय भाजपा और कांग्रेस खेमे का कोई भी क्षेत्र पंचायत सदस्य यहां मौजूद नहीं है। पहले अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 12 अक्तूबर की तिथि तय की गई थी, लेकिन चर्चा से ठीक पहले पीठासीन अधिकारी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण चर्चा और मतदान को स्थगित कर दिया गया था।
उसी दिन डीएम ने अगली तिथि पांच नवंबर तय कर दी थी। 12 अक्तूबर को ही भाजपा और कांग्रेस खेमे के सदस्य धारचूला नगर को छोड़ चुके थे। भाजपा अपने साथ 25 सदस्यों के समर्थन का दावा करती है, जबकि कांग्रेस के पास 13 सदस्य हैं। 26 सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव पेश करते समय भाजपा के पास 26 सदस्य थे, लेकिन अविश्वास चार दिन बाद एक सदस्य की आकस्मिक मौत हो गई थी।
विज्ञापन
इधर, भाजपा और कांग्रेस के पदाधिकारियों का कहना है कि सभी सदस्य चार नवंबर की शाम तक धारचूला पहुंच जाएंगे। यदि इस मामले में अब कोई नया व्यवधान नहीं आया तो पांच नवंबर को ब्लॉक प्रमुख के भाग्य का फैसला हो जाएगा।
विज्ञापन
इस समय भाजपा और कांग्रेस खेमे का कोई भी क्षेत्र पंचायत सदस्य यहां मौजूद नहीं है। पहले अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 12 अक्तूबर की तिथि तय की गई थी, लेकिन चर्चा से ठीक पहले पीठासीन अधिकारी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण चर्चा और मतदान को स्थगित कर दिया गया था।
विज्ञापन
उसी दिन डीएम ने अगली तिथि पांच नवंबर तय कर दी थी। 12 अक्तूबर को ही भाजपा और कांग्रेस खेमे के सदस्य धारचूला नगर को छोड़ चुके थे। भाजपा अपने साथ 25 सदस्यों के समर्थन का दावा करती है, जबकि कांग्रेस के पास 13 सदस्य हैं। 26 सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव पेश करते समय भाजपा के पास 26 सदस्य थे, लेकिन अविश्वास चार दिन बाद एक सदस्य की आकस्मिक मौत हो गई थी।
विज्ञापन
इधर, भाजपा और कांग्रेस के पदाधिकारियों का कहना है कि सभी सदस्य चार नवंबर की शाम तक धारचूला पहुंच जाएंगे। यदि इस मामले में अब कोई नया व्यवधान नहीं आया तो पांच नवंबर को ब्लॉक प्रमुख के भाग्य का फैसला हो जाएगा।