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Pithoragarh News: वन विभाग के पेच में फंसी 300 गांवों को जोड़ने वाली 69 सड़कें
Tue, 01 Apr 2025 10:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 01 Apr 2025 10:52 PM IST
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पिथौरागढ़। गांवों के विकास के लिए इन्हें सड़कों से जोड़ने के दावे तो खूब हो रहे हैं लेकिन धरातल पर ये मजबूती से उतरते नहीं दिख रहे हैं। स्वीकृति के बाद भी वन विभाग के पेच में फंसी 69 सड़कें इसका प्रमाण हैं। इन सड़कों के निर्माण के लिए शासन से स्वीकृति मिल चुकी है। वन विभाग की स्वीकृति न मिलने से इनका निर्माण अधर में लटका है और 25 हजार लोग पैदल आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं।
सीमांत जिले के पिथौरागढ़, गंगोलीहाट और डीडीहाट डिविजन में 300 से अधिक गांवों को सड़कों के साथ ही विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए 69 सड़कों को स्वीकृति मिली है। वन विभाग की स्वीकृति न मिलने से इन सड़कों का निर्माण करना लोनिवि के लिए चुनौती बन गया है। पिथौरागढ़ डिविजन में 37, गंगोलीहाट में 10 तो डीडीहाट में 22 सड़कें वन विभाग के पेंच में अटकी हैं।
लोनिवि स्वीकृति के लिए वन विभाग में फाइल दौड़ा रहा है लेकिन इसके बाद भी इनको स्वीकृति नहीं मिली है। इन गांवों की 25 हजार से अधिक की आबादी को उम्मीद थी कि स्वीकृति मिलने के बाद उनके गांवों तक भी सड़क पहुंचेगी और उनकी परेशानियां कम होंगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। सड़कों का निर्माण न होने से ग्रामीण पैदल आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं और उनके गांवों तक विकास नहीं पहुंच पा रहा है।
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सड़कों के अभाव में हो रहा है पलायन
69 सड़कों के निर्माण के बाद इन गांवों को विकास की मुख्य धारा से जोड़कर यहां से पलायन रोकना भी उद्देश्य था। वन विभाग की स्वीकृति न मिलने से यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। हालात यह हैं कि सड़क के अभाव में ग्रामीण पलायन करने के लिए मजबूर हैं। बीमारों और गर्भवतियों को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना मजबूरी बना है। बच्चे भी दुर्गम रास्तों के बीच स्कूल पहुंच रहे हैं। इन असुविधाओं से बचने के लिए ग्रामीण गांव छोड़ना बेहतर समझ रहे हैं।
कोट
वन विभाग की स्वीकृति न मिलने से कुछ सड़कों का निर्माण अटका है। स्वीकृति मिलते ही सड़क कटिंग का काम शुरू होगा। - विवेक सक्सेना, ईई, लोनिवि, पिथौरागढ़
कोट
वन विभाग की स्वीकृति के लिए आवेदन किया है। स्वीकृति मिलते ही सड़कों का निर्माण कार्य शुरू होगा। - आशुतोष, ईई, लोनिवि, पिथौरागढ़
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सीमांत जिले के पिथौरागढ़, गंगोलीहाट और डीडीहाट डिविजन में 300 से अधिक गांवों को सड़कों के साथ ही विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए 69 सड़कों को स्वीकृति मिली है। वन विभाग की स्वीकृति न मिलने से इन सड़कों का निर्माण करना लोनिवि के लिए चुनौती बन गया है। पिथौरागढ़ डिविजन में 37, गंगोलीहाट में 10 तो डीडीहाट में 22 सड़कें वन विभाग के पेंच में अटकी हैं।
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लोनिवि स्वीकृति के लिए वन विभाग में फाइल दौड़ा रहा है लेकिन इसके बाद भी इनको स्वीकृति नहीं मिली है। इन गांवों की 25 हजार से अधिक की आबादी को उम्मीद थी कि स्वीकृति मिलने के बाद उनके गांवों तक भी सड़क पहुंचेगी और उनकी परेशानियां कम होंगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। सड़कों का निर्माण न होने से ग्रामीण पैदल आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं और उनके गांवों तक विकास नहीं पहुंच पा रहा है।
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सड़कों के अभाव में हो रहा है पलायन
69 सड़कों के निर्माण के बाद इन गांवों को विकास की मुख्य धारा से जोड़कर यहां से पलायन रोकना भी उद्देश्य था। वन विभाग की स्वीकृति न मिलने से यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। हालात यह हैं कि सड़क के अभाव में ग्रामीण पलायन करने के लिए मजबूर हैं। बीमारों और गर्भवतियों को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना मजबूरी बना है। बच्चे भी दुर्गम रास्तों के बीच स्कूल पहुंच रहे हैं। इन असुविधाओं से बचने के लिए ग्रामीण गांव छोड़ना बेहतर समझ रहे हैं।
कोट
वन विभाग की स्वीकृति न मिलने से कुछ सड़कों का निर्माण अटका है। स्वीकृति मिलते ही सड़क कटिंग का काम शुरू होगा। - विवेक सक्सेना, ईई, लोनिवि, पिथौरागढ़
कोट
वन विभाग की स्वीकृति के लिए आवेदन किया है। स्वीकृति मिलते ही सड़कों का निर्माण कार्य शुरू होगा। - आशुतोष, ईई, लोनिवि, पिथौरागढ़