{"_id":"5bf2f04ebdec2269625f6f31","slug":"62-ghante-baad-khula-dhaarachoola-ka-jhoola-pu","type":"story","status":"publish","title_hn":"62 घंटे बाद खुला धारचूला का झूला पुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
62 घंटे बाद खुला धारचूला का झूला पुल
ब्यूरो् /अमर उजाला, धारचूला(पिथौरागढ़)।
Updated Mon, 19 Nov 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
धारचूला-नेपाल के बीच आवागमन करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निकाय चुनाव को देखते हुए बंद किया गया भारत-नेपाल को जोड़ने वाला धारचूला का अंतरराष्ट्रीय झूला पुल आवाजाही के लिए खोल दिया है। 62 घंटे बाद झूला पुल के खुलते ही लोगों ने बड़ी संख्या में आवागमन किया।
निकाय चुनावों को देखते हुए भारत-नेपाल को जोड़ने वाले झूला पुल को 16 नवंबर को सील कर दिया था। पुल बंद होने से माइग्रेशन से लौट रहे एक सौ से अधिक नेपाली नागरिक भारत में ही फंस गए थे। इसके बाद डीएम के निर्देश पर रात में आठ बजे पुल खोलकर लोगों को नेपाल भेजा गया था। इसके बाद झूला पुल में आवाजाही बंद रही। सोमवार की सुबह 6.30 बजे निर्धारित समय पर भारत और नेपाल की ओर से झूला पुल के गेट खुले।
इसके बाद लोगों की आवाजाही शुरू हुई। बता दें कि भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी के संबंध हैं। सीमांत धारचूला के कई परिवार भारत और नेपाल में रहते हैं। इसके चलते दोनों ओर लोगों की लगातार आवाजाही बनी रहती है। नेपाल के अधिकांश लोग रोजमर्रा की चीजें खरीदने के लिए भी भारतीय बाजार पर निर्भर रहते हैं। झूला पुल के तीन दिन तक बंद रहने से लोगों को तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ा। धारचूला को छोड़कर जौलजीबी, बलुवाकोट, ऐलागाड़ सहित अन्य सभी झूला पुल खुले रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
निकाय चुनावों को देखते हुए भारत-नेपाल को जोड़ने वाले झूला पुल को 16 नवंबर को सील कर दिया था। पुल बंद होने से माइग्रेशन से लौट रहे एक सौ से अधिक नेपाली नागरिक भारत में ही फंस गए थे। इसके बाद डीएम के निर्देश पर रात में आठ बजे पुल खोलकर लोगों को नेपाल भेजा गया था। इसके बाद झूला पुल में आवाजाही बंद रही। सोमवार की सुबह 6.30 बजे निर्धारित समय पर भारत और नेपाल की ओर से झूला पुल के गेट खुले।
विज्ञापन
इसके बाद लोगों की आवाजाही शुरू हुई। बता दें कि भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी के संबंध हैं। सीमांत धारचूला के कई परिवार भारत और नेपाल में रहते हैं। इसके चलते दोनों ओर लोगों की लगातार आवाजाही बनी रहती है। नेपाल के अधिकांश लोग रोजमर्रा की चीजें खरीदने के लिए भी भारतीय बाजार पर निर्भर रहते हैं। झूला पुल के तीन दिन तक बंद रहने से लोगों को तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ा। धारचूला को छोड़कर जौलजीबी, बलुवाकोट, ऐलागाड़ सहित अन्य सभी झूला पुल खुले रहे।
विज्ञापन