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15 वर्षों से व्हील चेयर पर बैठकर पढ़ा रहे हैं बच्चों को
Updated Tue, 04 Sep 2018 11:38 PM IST
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मदकोट (पिथौरागढ़)। मुनस्यारी (दुनामानी) निवासी शिक्षक दिनेश भंडारी पिछले 15 साल से व्हील चेयर पर बैठकर राजकीय प्राथमिक स्कूल मदकोट के बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
दिनेश भंडारी वर्ष 2002 में बंगापानी में गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। कमर से नीचे का हिस्सा सुन्न होने के कारण उन्हें व्हील चेयर पर बैठना पड़ा। इसके बावजूद वे तीन जनवरी 2003 से राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय मदकोट में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। इस समय विद्यालय में 233 बच्चे पढ़ते हैं। वह प्रतिदिन व्हील चेयर से स्कूल आते हैं और व्हील चेयर पर बैठकर ही शिक्षण कार्य से लेकर विद्यालय के अन्य कामकाज निपटाते हैं।
वर्तमान में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत दिनेश भंडारी पहले अच्छे एथलीट थे। 2002 तक फुटबाल, वॉलीबाल में उन्होंने खिताब भी जीते थे। वर्ष 2016 में उन्हें राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दिनेश भंडारी कहते हैं कि उन्हें अपनी पत्नी भरोसी भंडारी का पूरा सहयोग मिलता है। यदि पत्नी का सहयोग नहीं मिलता तो वह व्हील चेयर पर बैठने के बाद शिक्षण कार्य नहीं कर पाते।
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दिनेश भंडारी वर्ष 2002 में बंगापानी में गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। कमर से नीचे का हिस्सा सुन्न होने के कारण उन्हें व्हील चेयर पर बैठना पड़ा। इसके बावजूद वे तीन जनवरी 2003 से राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय मदकोट में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। इस समय विद्यालय में 233 बच्चे पढ़ते हैं। वह प्रतिदिन व्हील चेयर से स्कूल आते हैं और व्हील चेयर पर बैठकर ही शिक्षण कार्य से लेकर विद्यालय के अन्य कामकाज निपटाते हैं।
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वर्तमान में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत दिनेश भंडारी पहले अच्छे एथलीट थे। 2002 तक फुटबाल, वॉलीबाल में उन्होंने खिताब भी जीते थे। वर्ष 2016 में उन्हें राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दिनेश भंडारी कहते हैं कि उन्हें अपनी पत्नी भरोसी भंडारी का पूरा सहयोग मिलता है। यदि पत्नी का सहयोग नहीं मिलता तो वह व्हील चेयर पर बैठने के बाद शिक्षण कार्य नहीं कर पाते।
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