फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   पंचेश्वर बांध निरस्त कर विकास की सोचे सरकार

पंचेश्वर बांध निरस्त कर विकास की सोचे सरकार

Tue, 05 Dec 2017 10:41 PM IST
Updated Tue, 05 Dec 2017 10:41 PM IST
विज्ञापन
पंचेश्वर बांध निरस्त कर विकास की सोचे सरकार
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। महाकाली नदी पर बनने वाले पंचेश्वर बांध परियोजना को निरस्त कर उस धनराशि से 188 किलोमीटर लंबे डूब क्षेत्र का विकास करने की मांग उठने लगी है। इसी के तहत झूलाघाट के सैकड़ों लोगों ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। इसके अलावा बांध का विरोध कर रही समिति ने भी डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है।
विज्ञापन


भारत और नेपाल के संयुक्त उपक्रम पंचेश्वर बांध का क्षेत्र के लोगों ने नए सिरे से विरोध करने का ऐलान किया है। इसी के तहत झूलाघाट में पंचेश्वर बांध विरोध संघर्ष समिति ने विरोध की रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
विज्ञापन


पहले चरण में यहां के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र के माध्यम से बांध का प्रस्ताव तुरंत निरस्त कर महाकाली नदी के किनारे बसे 188 किलोमीटर लंबे क्षेत्र के 120 से भी अधिक गांवों को देश का सबसे विकसित गांव बनाने की सलाह दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस इलाके में रेलवे लाइन, महाकाली नदी के किनारे फोरलेन सड़क, बेहतर संचार सेवा, 24 घंटे बिजली, पानी और बेहतरीन सुविधा और नदी पर आधारित उद्योगों को लगाया जाए, ताकि इससे देश का राजस्व बढ़ सके और स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा हो सकें।


साथ ही समिति के संयोजक हरिबल्लभ भट्ट ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि जहां देश के पर्यावरणविद् बड़े बांध का विरोध कर रहे हैं, विश्व के अनेक देश बड़े बांध तोड़कर छोटे बांध बनाने जा रहे हैं, ऐसे में यहां के लोगों पर बड़ा बांध थोपना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि बांध को लेकर यदि सरकार मनमानी करती रही तो इसका परिणाम भुगतने की लिए तैयार रहे। यह पत्र प्रधानमंत्री को भेजा जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed