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चेहरे पर मुस्कान लिए 600 नेपाली वतन लौटे

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 28 May 2020 05:24 PM IST
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600 Nepalis returned to their homeland with a smile on their face
झूलाघाट मे खाना बनाते युवा - फोटो : AMAR UJALA
संवाद न्यूज ऐजेंसी झूलाघाट (पिथौरागढ़)। लाॅकडाउन के बाद नेपाली नागरिकों को उनके वतन भेजने का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को कुमाऊं गढ़वाल के विभिन्न क्षेत्रों से आए छह सौ लोगों को झूलापुल खोलकर नेपाल भेजा गया। कोरोना वायरस के तेजी से फैलने के कारण नेपाली मजदूरों के सामने रहने और खाने की दिक्कत होने लगी है। झूलाघाट सीमा पर सैकड़ों मजदूर दो दिन में पहुंच गए है। दोनों देशों की सरकार सभी को अपने घरों में भेज देना चाहती है। ताकि घर पहुंचने के बाद इनके सामने रोटी का संकट न रहें। ब्रहस्पतिवार को सीमावर्ती दोनो जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की सहमति पर दोपहर 12 बजे से सायं चार बजे तक सीमा पुल खोला गया। सभी लोगो की डाॅ0 प्रकाश पंगरिया फार्मासिस्ट सुरंेद्र चैहान वार्ड ब्वाय हेम भट्ट ने जांच की। थाना प्रभारी महेश चंद्र और एसएसबी के निरिक्षक रणवीर सिंह चैहान, आरएसआई गोपाल डिनिया के नेतृत्व में सभी लोगों की सूची बनाकर नेपाल भेजा गया। संक्रमण को कस्बें में फैलने से रोकने के लिए एसआई संजय कुमार ने झूलाघाट बाजार को पूर्णतया बंद करवा दिया। अभी तक लाॅकडाउन में पांचवी बार सीमा पुल खुलने से 26 सौ से अधिक लोग नेपाल लौट चुके है। राजेश फोटो-झूलाघाट में पुल खुलने के बाद नेपाल जाते मजदूर। बाक्स भूखे नेपाली मजदूरों को भोजन कराया झूलाघाट। लाॅकडाउन के बाद सीमा के व्यापारी बेरोजगार हो चुके है। जिन नेपाली नागरिकों के दम पर यहां का बाजार चलता है। उन्हे खाना खिलाने में यहां के लोगों ने बढ चढकर हिस्सा लिया। कई दिनों से पानी ओर बिस्किट खाकर झूलाघाट पहंुचे छः सौ लोगों को आलू पूरी खिलाकर लोगों ने मिसाल पेश की। इस काम में व्यापार संघ अध्यक्ष संजीव जोशी, नीरज भट्ट,, मनोज राज जोशी, सुरेंद्र आर्या, मदन मोहन भट्ट, ललित मोहन भट्ट, नम्रता कुॅवर, अंशू माली और रामचंद्र जोशी ने सहयोग किया।
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--::: आठ घंटे पैदल चलकर झूलाघाट पहुंचे :: झूलाघाट। वतन लौटने के लिए चंद्र राम पिथौरागढ़ से 36 किमी पैदल चलकर पहुंचे। खुशी इतनी कि नेपाल में एक महीना भी क्वारंटीन रहना पड़े तो गुरेज नही। पुरचूड़ी के लाल बहादुर थल से सुबह चार बजे ही नेपाल जाने के लिए पैदल निकल आए। कई बार पुल खुलने की सूचना न मिलने से वे नही पहुंच पा रहे थे। बाजूरा के करण बहादुर पिथौराढ़ से छः सौ रुपया टिकट देकर झूलाघाट पहुंचे जबकि इस रुट पर टिकट सौ रुपया मात्र है।
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--::: 29 ओर 30 को भी खुलेगा सीमा पुल ::: झूलाघाट। सैकड़ों लोगों के रोज झूलाघाट पहुंचने के बाद फंसे हुए अन्य लोगों को नेपाल भेजने के लिए सीमा पुल खोला जा सकता है। उपजिलाधिकारी तुषार सैनी ने कहां लिखित रुप में पुल खुलने का कोई आदेश नही है। सभंवतया नेपाली नागरिकों के और पहुंचने पर 29 और 30 मई को दोपहर 12 बजे से चार बजे तक पुल खोला जायेगा।
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600 Nepalis returned to their homeland with a smile on their face
वतन लौटने को कतार मैं खडे. नेपाली मजदूर - फोटो : AMAR UJALA
वतन लौटने को कतार मैं खडे. नेपाली मजदूर
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