कोठेरा इंटर कॉलेज से 52 विद्यार्थियों ने नाम कटाया
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तहसील मुख्यालय से आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज कोठेरा में शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक रहा है। विद्यालय सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे है। इस बार विद्यालय से 52 विद्यार्थियों ने नाम कटा दिया। विद्यालय में न तो प्रधानाचार्य हैं और नहीं लिपिक ही है। विद्यालय को 2011 में इंटरमीडिएट की मान्यता मिली। 2015 में विद्यालय में इंटरमीडिएट के लिए शिक्षकों के पद भी सृजित कर दिए गए थे, लेकिन उसके बाद भी विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई। इस कारण इंटरमीडिएट में अब तक एक भी विद्यार्थी ने प्रवेश नहीं लिया।
प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राधेश्याम ने कहा कि विद्यालय में विज्ञान विषय के अलावा एक व्यायाम शिक्षक हैं, जो दो महीनों से मातृत्व अवकाश में चल रही हैं, इसके अलावा हिंदी और कला विषयों के लिए 2 गेस्ट टीचरों की नियुक्ति की गई है। कहा कि अंग्रेजी और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शिक्षक नहीं है, इस कारण पिछले वर्ष 246 छात्र संख्या वाले विद्यालय से 52 विद्यार्थी नाम कटा चुके हैं।
अब विद्यालय में मात्र 194 विद्यार्थी ही बचे हैं। शिक्षकों की कमी के कारण ग्राम सभा बोरखेत, गोलाई, गूलागांव, हरडिया, बेलूरी, झरकोठेरा, सिमलकोट, रण़कोट, उकाला, निशीगांव, जाखनी, खेतीगांव, बालाकूचा, कोठेरा, भंडारीगांव के लोग अपने बच्चों को आठ किलोमीटर दूर गंगोलीहाट भेजने को मजबूर हैं। प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राधेश्याम ने कहा कि अगर एक महीने के भीतर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो अभिभावक और स्कूली छात्रों के साथ आंदोलन किया जाएगा।