{"_id":"5b61ee994f1c1b913e8b48f9","slug":"51533144729-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छियालेख की धुंध को पार कर गुंजी पहुंचा हेलीकॉप्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छियालेख की धुंध को पार कर गुंजी पहुंचा हेलीकॉप्टर
Updated Wed, 01 Aug 2018 11:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़/डीडीहाट। छियालेख में छाई धुंध कुछ हल्की पड़ी तो वायुसेना का हेलीकॉप्टर दसवें दल के 12 यात्रियों को लेकर गुंजी पहुंचा। गुंजी से सातवें दल के 12 यात्रियों को भी सातवें दिन गुंजी से पिथौरागढ़ लाया गया। बाद में फिर उड़ान में धुंध बाधा बन गई। इसके चलते अन्य यात्रियों को गुंजी नहीं पहुंचाया जा सका। यात्रा का आठवां दल जोग्जिबू और 9वें दल के यात्री तकलाकोट से दार्चिन पहुंच गए हैं।
पर्यटक आवास गृह से सुबह पौने छह बजे यात्रियों को नैनीसैनी हवाई पट्टी ले जाया गया। छह बजे वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर ने 12 यात्रियों को लेकर गुंजी की उड़ान भरी। 6.41 बजे हेलीकॉप्टर गुंजी पहुंच गया। वहां से भी सातवें दल के 12 सदस्यों को पिथौरागढ़ लाया गया। इनमें से छह यात्री अपने गंतव्य को निजी संसाधनों से रवाना हो गए हैं। हेलीकॉप्टर पहुंचने से गुंजी में सात दिन से फंसे यात्रियों के चेहरे खिल गए। हालांकि बाद में मौसम खराब होने से हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाए।
सातवें दल में 57 यात्री हैं, जिनमें से अभी 45 यात्री गुंजी में ही हैं। दसवें दल के 37 यात्री पिथौरागढ़ से गुंजी उड़ान का इंतजार कर रहे हैं। आईटीबीपी कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार 11वें दल के यात्री चौकोड़ी में हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र छियालेख और गर्ब्यांग में बारिश हो रही है, जबकि गुंजी में हल्की बूंदाबांदी हो रही है। वहीं, यात्रा के नोडल अधिकारी दिनेश गुरुरानी ने कैलाश यात्रा संपन्न कराने में जुटे कर्मियों को अतिरिक्त मानदेय दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन
चीन सीमा तक प्राथमिकता से बने सड़क
पिथौरागढ़। कैलाश परिक्रमा कर लौटे सातवें दल में शामिल लखनऊ के यात्री शिवकुमार लखानी (67) ने बताया कि यात्रा में उन्हें सात दिन तक गुंजी में रुकना पड़ा। बताया कि वहां कोई दिक्कत नहीं हुई। उन्होंने केएमवीएन और आईटीबीपी जवानों की सराहना की। कहा कि तकलाकोट से लिपुपास तक चीन फोर लेन सड़क बना रहा है। सड़क का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। बरसात में भी कार्य हो रहा है। कहा कि हमारी सरकार को भी चीन सीमा तक सड़क बनाने के लिए प्राथमिकता से कार्य करना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने ही कैलाश यात्रा में वायुसेना के हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराए हैं। इससे यात्रियों को काफी सुविधा हुई है।
विज्ञापन
पर्यटक आवास गृह से सुबह पौने छह बजे यात्रियों को नैनीसैनी हवाई पट्टी ले जाया गया। छह बजे वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर ने 12 यात्रियों को लेकर गुंजी की उड़ान भरी। 6.41 बजे हेलीकॉप्टर गुंजी पहुंच गया। वहां से भी सातवें दल के 12 सदस्यों को पिथौरागढ़ लाया गया। इनमें से छह यात्री अपने गंतव्य को निजी संसाधनों से रवाना हो गए हैं। हेलीकॉप्टर पहुंचने से गुंजी में सात दिन से फंसे यात्रियों के चेहरे खिल गए। हालांकि बाद में मौसम खराब होने से हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाए।
विज्ञापन
सातवें दल में 57 यात्री हैं, जिनमें से अभी 45 यात्री गुंजी में ही हैं। दसवें दल के 37 यात्री पिथौरागढ़ से गुंजी उड़ान का इंतजार कर रहे हैं। आईटीबीपी कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार 11वें दल के यात्री चौकोड़ी में हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र छियालेख और गर्ब्यांग में बारिश हो रही है, जबकि गुंजी में हल्की बूंदाबांदी हो रही है। वहीं, यात्रा के नोडल अधिकारी दिनेश गुरुरानी ने कैलाश यात्रा संपन्न कराने में जुटे कर्मियों को अतिरिक्त मानदेय दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन
चीन सीमा तक प्राथमिकता से बने सड़क
पिथौरागढ़। कैलाश परिक्रमा कर लौटे सातवें दल में शामिल लखनऊ के यात्री शिवकुमार लखानी (67) ने बताया कि यात्रा में उन्हें सात दिन तक गुंजी में रुकना पड़ा। बताया कि वहां कोई दिक्कत नहीं हुई। उन्होंने केएमवीएन और आईटीबीपी जवानों की सराहना की। कहा कि तकलाकोट से लिपुपास तक चीन फोर लेन सड़क बना रहा है। सड़क का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। बरसात में भी कार्य हो रहा है। कहा कि हमारी सरकार को भी चीन सीमा तक सड़क बनाने के लिए प्राथमिकता से कार्य करना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने ही कैलाश यात्रा में वायुसेना के हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराए हैं। इससे यात्रियों को काफी सुविधा हुई है।