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प्राधिकरण के विरोध में उक्रांद भी कूदा
Updated Sun, 23 Jul 2017 10:22 PM IST
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ नगर और आसपास के 22 गांवों को प्राधिकरण में शामिल करने के फैसले के विरोध में उत्तराखंड क्रांति दल भी मुखर हो गया है। उक्रांद ने प्राधिकरण के विरोध में आंदोलन छेड़ने का निर्णय लिया है। उक्रांद जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर पुनेड़ा ने प्राधिकरण को अस्तित्व में लाने को जनविरोधी और भू माफिया को पोषित करने वाला फैसला करार दिया।
वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार प्राधिकरण बनाने का फैसला लेकर जनता के हितों में कुठाराघात करने का काम कर रही है। कहा कि प्राधिकरण बनने के बाद गरीब जनता एक गौशाला, शौचालय का निर्माण भी बगैर प्राधिकरण के अनुमति के नहीं कर पाएगी। सरकार का यह निर्णय उत्तराखंड राज्य गठन की मूल भावनाओं के विपरीत है। उन्होंने गैर राजनीतिक, राजनीतिक संगठनों से इस मुद्दे पर लामबंद होने की अपील करते हुए कहा कि पिथौरागढ़ में प्रस्तावित नगर निगम भी इन्हीं 22 गांवों को शामिल कर बनाया जाना है। यदि अभी लोग नहीं जागे तो सरकार अपनी मंशा में कामयाब हो जाएगी।
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वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार प्राधिकरण बनाने का फैसला लेकर जनता के हितों में कुठाराघात करने का काम कर रही है। कहा कि प्राधिकरण बनने के बाद गरीब जनता एक गौशाला, शौचालय का निर्माण भी बगैर प्राधिकरण के अनुमति के नहीं कर पाएगी। सरकार का यह निर्णय उत्तराखंड राज्य गठन की मूल भावनाओं के विपरीत है। उन्होंने गैर राजनीतिक, राजनीतिक संगठनों से इस मुद्दे पर लामबंद होने की अपील करते हुए कहा कि पिथौरागढ़ में प्रस्तावित नगर निगम भी इन्हीं 22 गांवों को शामिल कर बनाया जाना है। यदि अभी लोग नहीं जागे तो सरकार अपनी मंशा में कामयाब हो जाएगी।
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