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आदर्श प्राथमिक विद्यालय में अनियमितता के आरोपों की जांच
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पिथौरागढ़। भारत सरकार के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने आदर्श प्राथमिक विद्यालय में अनियमितताओं की जांच की। जांच समिति ने डीईओ बेसिक को सौंपी, जिसे राज्य निदेशालय भेज दिया गया है। समिति ने मामले में स्पष्ट निर्देश देने की मांग की है।
मध्याह्न भोजन योजना के उप प्रभारी चंद्रशेखर पंत ने बताया कि भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति पिथौरागढ़ के सचिव राकेश सिंह ने भारत सरकार से शिकायत करते हुए कहा था कि आदर्श विद्यालय गुरना में छात्र संख्या कम है,जबकि संख्या को अधिक दिखाकर मध्याह्न भोजन, सर्व शिक्षा अभियान के गणवेश में अनियमितता बरती जा रही है। मामले में राज्य परियोजना निदेशालय के निर्देश पर डीईओ बेसिक शौकत अली ने जांच समिति गठित की।
खंड शिक्षाधिकारी मूनाकोट बीएस रावत और सर्व शिक्षा अभियान के वित्त लेखाधिकारी श्रीकृष्ण पांडेय ने पांच फरवरी को विद्यालय पहुंचकर जांच की। विद्यालय में 179 छात्र संख्या पंजीकृत पाई गई। इसमें कक्षा एक से पांच तक 94 बच्चे पंजीकृत, जबकि अन्य नर्सरी, केजी-वन, केजी-टू के बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि नवसृजित आदर्श विद्यालयों में प्री प्राइमरी की कक्षाएं संचालित हो सकती हैं या नहीं इस संबंध में निदेशालय से निर्देश मांगें गए हैं। वहां से निर्देश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय जन प्रतिनिधियों में भी विद्यालय में अनियमितता को लेकर आक्रोश पनप रहा है।
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मध्याह्न भोजन योजना के उप प्रभारी चंद्रशेखर पंत ने बताया कि भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति पिथौरागढ़ के सचिव राकेश सिंह ने भारत सरकार से शिकायत करते हुए कहा था कि आदर्श विद्यालय गुरना में छात्र संख्या कम है,जबकि संख्या को अधिक दिखाकर मध्याह्न भोजन, सर्व शिक्षा अभियान के गणवेश में अनियमितता बरती जा रही है। मामले में राज्य परियोजना निदेशालय के निर्देश पर डीईओ बेसिक शौकत अली ने जांच समिति गठित की।
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खंड शिक्षाधिकारी मूनाकोट बीएस रावत और सर्व शिक्षा अभियान के वित्त लेखाधिकारी श्रीकृष्ण पांडेय ने पांच फरवरी को विद्यालय पहुंचकर जांच की। विद्यालय में 179 छात्र संख्या पंजीकृत पाई गई। इसमें कक्षा एक से पांच तक 94 बच्चे पंजीकृत, जबकि अन्य नर्सरी, केजी-वन, केजी-टू के बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि नवसृजित आदर्श विद्यालयों में प्री प्राइमरी की कक्षाएं संचालित हो सकती हैं या नहीं इस संबंध में निदेशालय से निर्देश मांगें गए हैं। वहां से निर्देश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय जन प्रतिनिधियों में भी विद्यालय में अनियमितता को लेकर आक्रोश पनप रहा है।
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