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बेटे के हत्यारे पिता को पांच वर्ष का कारावास
Updated Wed, 08 Aug 2018 11:08 PM IST
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पिथौरागढ़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी ने बेटे की हत्या करने वाले पिता को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। मामला गंगोलीहाट के खिरमांडे क्षेत्र का है।
गंगोलीहाट तहसील क्षेत्र के नाकोट (खिरमांडे) गांव में 29 जून 2016 की रात लगभग 8.30 बजे संतोष कुमार ने अपने पिता नैन राम से खाना मांगा। नैनराम के खाना देने से इनकार किया तो दोनों में कहासुनी हो गई। इसी बीच नैनराम ने अपने बेटे को चाकू मार दिया। घायल संतोष भूतल में रहने वाले अपने भाई जगदीश प्रसाद के पास पहुंचा और पिता द्वारा चाकू मारने की बात कहते ही उसने दम तोड़ दिया।
इस मामले में जगदीश प्रसाद ने गंगोलीहाट थाने में नैनराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी नैनराम को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया। इसके बाद आरोपी नैनराम के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया। जिला एवं सत्र न्यायालय में यह मामला चला। न्यायालय ने इस मामले को धारा 302 का मामला न मानते हुए धारा 304 (2) गैर इरादतन हत्या का मामला माना और नैनराम को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
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गंगोलीहाट तहसील क्षेत्र के नाकोट (खिरमांडे) गांव में 29 जून 2016 की रात लगभग 8.30 बजे संतोष कुमार ने अपने पिता नैन राम से खाना मांगा। नैनराम के खाना देने से इनकार किया तो दोनों में कहासुनी हो गई। इसी बीच नैनराम ने अपने बेटे को चाकू मार दिया। घायल संतोष भूतल में रहने वाले अपने भाई जगदीश प्रसाद के पास पहुंचा और पिता द्वारा चाकू मारने की बात कहते ही उसने दम तोड़ दिया।
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इस मामले में जगदीश प्रसाद ने गंगोलीहाट थाने में नैनराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी नैनराम को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया। इसके बाद आरोपी नैनराम के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया। जिला एवं सत्र न्यायालय में यह मामला चला। न्यायालय ने इस मामले को धारा 302 का मामला न मानते हुए धारा 304 (2) गैर इरादतन हत्या का मामला माना और नैनराम को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
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