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वन भूमि के पेच में 133 सड़कें लंबित
Updated Tue, 01 May 2018 10:57 PM IST
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पिथौरागढ़। जिले में वन भूमि के पेच के चलते 133 सड़कें लंबित हैं। विभाग से अनापत्ति नहीं मिलने से जगह-जगह सड़कों पर काम अटका है। बजट होने के बाद भी निर्माण रुकने से क्षेत्रवासियों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डीएम ने जिले के लंबित प्रकरणों का एक माह में निपटारा करने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को डीएम सी रविशंकर ने जिले में लंबित वन भूमि हस्तांतरण के प्रकरणों की समीक्षा की। पाया कि अब तक विकास कार्यों में 133 वन भूमि हस्तांतरण का पेच फंसा है। विभाग की अनापत्ति नहीं मिलने से इन स्थानों पर सड़क का निर्माण ठप पड़ा है। इससे क्षेत्रवासियों को सड़क सुविधा का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। डीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को 31 मई तक लंबित प्रकरणों के निस्तारण के निर्देश दिए। डीएम ने डेटलाइन के बाद संबंधित विभाग या कार्यालय के प्रमुख को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
उन्होंने अधिकारियों से आपत्तियों के निस्तारण के लिए अभी से जुटने का कहा। डीएम ने बताया कि वन भूमि के मामलों के निस्तारण के लिए वन विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इन प्रकरणों के निपटारे के लिए प्रभागीय वनाधिकारी हर पखवाड़े में फाइलों की समीक्षा करेंगे, जबकि तहसील स्तर पर हर सप्ताह एसडीएम वन भूमि हस्तांतरण की समीक्षा करेंगे। इस मौके पर डीएम ने सड़क निर्माण कार्यों से प्रभावित किसानों को मुआवजा की व्यवस्था की भी समीक्षा की।
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उन्होंने प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा देने को कहा। डीएम ने बताया कि प्रभावितों को कैंप लगाकर मुआवजा बांटा जाएगा। इस दौरान उप प्रभागीय वनाधिकारी जीके श्रीवास्तव, लोनिवि के एसई वाईएस शैल आदि थे।
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मंगलवार को डीएम सी रविशंकर ने जिले में लंबित वन भूमि हस्तांतरण के प्रकरणों की समीक्षा की। पाया कि अब तक विकास कार्यों में 133 वन भूमि हस्तांतरण का पेच फंसा है। विभाग की अनापत्ति नहीं मिलने से इन स्थानों पर सड़क का निर्माण ठप पड़ा है। इससे क्षेत्रवासियों को सड़क सुविधा का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। डीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को 31 मई तक लंबित प्रकरणों के निस्तारण के निर्देश दिए। डीएम ने डेटलाइन के बाद संबंधित विभाग या कार्यालय के प्रमुख को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
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उन्होंने अधिकारियों से आपत्तियों के निस्तारण के लिए अभी से जुटने का कहा। डीएम ने बताया कि वन भूमि के मामलों के निस्तारण के लिए वन विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इन प्रकरणों के निपटारे के लिए प्रभागीय वनाधिकारी हर पखवाड़े में फाइलों की समीक्षा करेंगे, जबकि तहसील स्तर पर हर सप्ताह एसडीएम वन भूमि हस्तांतरण की समीक्षा करेंगे। इस मौके पर डीएम ने सड़क निर्माण कार्यों से प्रभावित किसानों को मुआवजा की व्यवस्था की भी समीक्षा की।
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उन्होंने प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा देने को कहा। डीएम ने बताया कि प्रभावितों को कैंप लगाकर मुआवजा बांटा जाएगा। इस दौरान उप प्रभागीय वनाधिकारी जीके श्रीवास्तव, लोनिवि के एसई वाईएस शैल आदि थे।