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भाजपा किसानों मोर्चा ने पूर्व सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
Updated Wed, 21 Jun 2017 10:48 PM IST
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भाजपा किसानों मोर्चा ने पूर्व सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
पिथौरागढ़। भारतीय जनता किसान मोर्चा ने पर्वतीय किसानों को 2013-14 में आपदा राहत राशि, फसली बीमा, वर्ष 2015 में हरिद्वार में किसानों को मुआवजे के नाम पर बांटे गए 100 करोड़ रुपये की जांच की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर शीघ्र जांच कराने की मांग की।
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री नरेश जोशी के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने पूर्व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जोशी का कहना है कि वर्ष 2013-14 में राज्य में हुई ओलावृष्टि, अतिवृष्टि, सूखा और आपदा से किसानों की फसलें चौपट हो गई थी। जिसके कारण किसानों को रोजी रोटी के लिए संघर्ष करना पड़ा था। पूर्व सरकार से किसानों ने मुआवजे की मांग की मगर सरकार ने मुआवजे के नाम पर 100 करोड़ रुपये की खुली बंदरबांट की।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सभा सदस्य प्रदीप टम्टा से लेकर पूर्व सरकार के किसी भी जनप्रतिनिधि ने किसानों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया। सिर्फ किसानों के नाम पर धन की बंदरबांट की गई। ग्रामीण हीरा देवी, बसंती देवी और मीना देवी का कहना है कि किसानों के नाम पर बांटी गई राशि की जांच नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में खीमा देवी, रेखा, राधिका पुजारा, तुलसी देवी, पार्वती देवी, ज्योति भट्ट, चंद्रा देवी, उमा देवी, रेखा देवी, चंद्रबल्लभ, मनोहर सिंह, मंगल सिंह समेत तमाम लोग शामिल थे।
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पिथौरागढ़। भारतीय जनता किसान मोर्चा ने पर्वतीय किसानों को 2013-14 में आपदा राहत राशि, फसली बीमा, वर्ष 2015 में हरिद्वार में किसानों को मुआवजे के नाम पर बांटे गए 100 करोड़ रुपये की जांच की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर शीघ्र जांच कराने की मांग की।
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री नरेश जोशी के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने पूर्व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जोशी का कहना है कि वर्ष 2013-14 में राज्य में हुई ओलावृष्टि, अतिवृष्टि, सूखा और आपदा से किसानों की फसलें चौपट हो गई थी। जिसके कारण किसानों को रोजी रोटी के लिए संघर्ष करना पड़ा था। पूर्व सरकार से किसानों ने मुआवजे की मांग की मगर सरकार ने मुआवजे के नाम पर 100 करोड़ रुपये की खुली बंदरबांट की।
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उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सभा सदस्य प्रदीप टम्टा से लेकर पूर्व सरकार के किसी भी जनप्रतिनिधि ने किसानों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया। सिर्फ किसानों के नाम पर धन की बंदरबांट की गई। ग्रामीण हीरा देवी, बसंती देवी और मीना देवी का कहना है कि किसानों के नाम पर बांटी गई राशि की जांच नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में खीमा देवी, रेखा, राधिका पुजारा, तुलसी देवी, पार्वती देवी, ज्योति भट्ट, चंद्रा देवी, उमा देवी, रेखा देवी, चंद्रबल्लभ, मनोहर सिंह, मंगल सिंह समेत तमाम लोग शामिल थे।
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