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सीमांत में लगातार बारिश से नदियां उफान पर
Updated Sat, 28 Jul 2018 10:26 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत में पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के चलते जहां कैलाश यात्रा बाधित हो रही हैं, वहीं नदियों के उफान पर आने से नदी तटों के किनारे रह रहे लोग भी सहमे हैं। रामगंगा नदी से नाचनी, रसियाबगड़ आदि जगहों पर लगातार भू कटाव हो रहा है। जमकर बारिश होने से प्राकृतिक स्रोत भी रिचार्ज हो गए हैं।
जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से रुक-रुक बारिश का क्रम जारी है। शनिवार सुबह मौसम साफ था। बाद में रिमझिम बारिश शुरू हो गई। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार आए लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद बाजार में भी सन्नाटा पसर गया। पिछले 24 घंटे में पिथौरागढ़ में 4.2, गंगोलीहाट, डीडीहाट में दो-दो, बेड़ीनाग में 15.8, धारचूला में 12 और मुनस्यारी में 14 एमएम बारिश हुई।
काली नदी का जलस्तर धारचूला में 889.30 मीटर पर है। इसके खतरे का लेबल 890 मीटर है। बढ़ रहे जल स्तर को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। गोरी नदी जौलजीबी में 605, मदकोट में 1211 मीटर पर है। नदियों के जल स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों को तट पर नहीं जाने और सावधानी बरतने की अपील की गई है।
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नौ सड़कें यातायात के लिए खोली
पिथौरागढ़। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्निर्माण का कार्य जारी है। रेस्क्यू टीमों ने गर्बाधार, लखनपुर, नजंग, गौरी नदी और द्वालीसेरा से आगे काली नदी में लापता व्यक्तियों की खोजबीन के लिए सर्च अभियान चलाया। शनिवार को जिले की 16 सड़कें बंद थीं। इनमें से नौ सड़कों नाचनी-भैंसकोट, डीडीहाट-दूनाकोट, मसूरी-कांडा-होकरा, कपकोट-सामा-तेजम, जाखपुरान-आंवलाघाट, देवलथल-कनालीछीना, लछैर-दौली-चिराली, लछैर-पलेटा, झूलाघाट-बलतड़ी को यातायात के लिए खोला गया। बंद सड़कों को खोलने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
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जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से रुक-रुक बारिश का क्रम जारी है। शनिवार सुबह मौसम साफ था। बाद में रिमझिम बारिश शुरू हो गई। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार आए लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद बाजार में भी सन्नाटा पसर गया। पिछले 24 घंटे में पिथौरागढ़ में 4.2, गंगोलीहाट, डीडीहाट में दो-दो, बेड़ीनाग में 15.8, धारचूला में 12 और मुनस्यारी में 14 एमएम बारिश हुई।
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काली नदी का जलस्तर धारचूला में 889.30 मीटर पर है। इसके खतरे का लेबल 890 मीटर है। बढ़ रहे जल स्तर को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। गोरी नदी जौलजीबी में 605, मदकोट में 1211 मीटर पर है। नदियों के जल स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों को तट पर नहीं जाने और सावधानी बरतने की अपील की गई है।
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नौ सड़कें यातायात के लिए खोली
पिथौरागढ़। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्निर्माण का कार्य जारी है। रेस्क्यू टीमों ने गर्बाधार, लखनपुर, नजंग, गौरी नदी और द्वालीसेरा से आगे काली नदी में लापता व्यक्तियों की खोजबीन के लिए सर्च अभियान चलाया। शनिवार को जिले की 16 सड़कें बंद थीं। इनमें से नौ सड़कों नाचनी-भैंसकोट, डीडीहाट-दूनाकोट, मसूरी-कांडा-होकरा, कपकोट-सामा-तेजम, जाखपुरान-आंवलाघाट, देवलथल-कनालीछीना, लछैर-दौली-चिराली, लछैर-पलेटा, झूलाघाट-बलतड़ी को यातायात के लिए खोला गया। बंद सड़कों को खोलने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।