फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   300 families are forced to move through wooden raw bridge

300 परिवारों की गुहार, "कब तक कच्चे पुल से जान हथेली पर रखकर आवाजाही करते रहेंगे हुजूर"

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sun, 31 May 2020 04:36 PM IST
विज्ञापन
300 families are forced to move through wooden raw bridge
लकड़ी के कच्चे पुल से इस तरह हो रही आवाजाही। - फोटो : AMAR UJALA
अमर उजाला ब्यूरो पिथौरागढ़। गोरी नदी में पक्के पुल का निर्माण तक नहीं किया है। इस कारण गांव के तीन सौ परिवार जान हथेली पर रखकर कच्चे पुल से आने-जाने के लिए मजबूर हैं।
विज्ञापन
गोरी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से लोगों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। जिपं सदस्य जगत मर्तोलिया ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर तत्काल पुल निर्माण के लिए आपदा मद से बजट जारी करने की मांग की है।
विज्ञापन
गोरी नदी में सुरिंगगाड़ के निकट बना पहले से क्षतिग्रस्त पुल 25 मार्च को जल स्तर बढ़ने से बह गया था। लोनिवि ने इसके बदले कच्चा लकड़ी का पुल बना दिया था। तब नदी में पानी का स्तर कम था तो आवाजाही हो रही थी। एक सप्ताह से क्षेत्र में अत्यधिक बारिश होने से गोरी नदी का जल स्तर काफी ऊपर आ गया है। नदी में पानी कच्चे पुल को छूने लगा है। ढ़ीलम, कुलथम, फल्याटी, लैंगा के तीन सौ परिवारों का एक मात्र रास्ता इसी पुल से होकर जाता है। गोरीपार क्षेत्र के उच्छैती, धूरातोली सहित कुछ गांव के लोग मुनस्यारी आने के लिए इस पैदल मार्ग से भी आते जाते हैं। जिपं सदस्य जगत मर्तोलिया, ढ़िमढ़िया के ग्राम प्रधान रमेश नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य कविता कोरंगा ने लोनिवि की लापरवाही पर आक्रोश जताया है। उन्होंने कहा है कि यदि कोई हादसा हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी लोनिवि की होगी। उन्होंने तीन दिन में उचित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed