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आम जनता को मिलना चाहिए आधुनिक तकनीक का लाभ
Updated Tue, 13 Feb 2018 12:14 AM IST
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पिथौरागढ़। नन्हीं कली सीमांत इंजीनियरिंग कालेज में आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने अपने शोध पत्रों के माध्यम से इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक तकनीक का लाभ आम जनता को मिलना चाहिए। कहा गया कि आने वाले समय में ऐसी मशीन तैयार हो जाएंगी जो मनुष्य से ज्यादा बुद्धिमान होंगी।
संगोष्ठी में जिलाधिकारी सी रविशंकर ने कहा कि ऐसे आयोजनों का लाभ जनता तक पहुंचाएं। संगोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासा को शांत करने के लिए प्रश्न भी पूछे। आईआईटी रुड़की के इलेक्ट्रानिक्स विभाग के प्रोफेसर एसडी गुप्ता ने विभिन्न प्रकार की जानकारियां दी। इस मौके पर यूसर्क के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, एलएसएम राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. डीएस पांगती, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. केएस बैसला, डा. अजीत सिंह, डा. विशाल कुमार, आशुतोष भट्ट, एके तोमर, जितेंद्र पांडे ने तकनीकी के क्षेत्र में हो रहे विकास की जानकारी दी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सीमांत इंजीनियरिंग कालेज के निदेशक प्रो. बीके सिंह, ज्योति जोशी, जयदीप किशोर, डा. गिरीश पंत, नितेश वर्मा, हेेमंत कुमार, एसपी चौहान, प्रांजलि बाफिला, तरू माहरा, देवेंद्र गिरी, नवीन चंद्र मठपाल समेत कई लोगों ने सहयोग दिया। समापन पर प्रतिभागियों को प्रतीक चिन्ह दिए गए।
संगोष्ठी में जिलाधिकारी सी रविशंकर ने कहा कि ऐसे आयोजनों का लाभ जनता तक पहुंचाएं। संगोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासा को शांत करने के लिए प्रश्न भी पूछे। आईआईटी रुड़की के इलेक्ट्रानिक्स विभाग के प्रोफेसर एसडी गुप्ता ने विभिन्न प्रकार की जानकारियां दी। इस मौके पर यूसर्क के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, एलएसएम राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. डीएस पांगती, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. केएस बैसला, डा. अजीत सिंह, डा. विशाल कुमार, आशुतोष भट्ट, एके तोमर, जितेंद्र पांडे ने तकनीकी के क्षेत्र में हो रहे विकास की जानकारी दी।
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कार्यक्रम को सफल बनाने में सीमांत इंजीनियरिंग कालेज के निदेशक प्रो. बीके सिंह, ज्योति जोशी, जयदीप किशोर, डा. गिरीश पंत, नितेश वर्मा, हेेमंत कुमार, एसपी चौहान, प्रांजलि बाफिला, तरू माहरा, देवेंद्र गिरी, नवीन चंद्र मठपाल समेत कई लोगों ने सहयोग दिया। समापन पर प्रतिभागियों को प्रतीक चिन्ह दिए गए।
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