फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   राष्ट्र की एकता का प्रतीक है संविधान

राष्ट्र की एकता का प्रतीक है संविधान

Sun, 25 Nov 2018 09:51 PM IST
Updated Sun, 25 Nov 2018 09:51 PM IST
विज्ञापन
राष्ट्र की एकता का प्रतीक है संविधान
पिथौरागढ़। संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर डेमोक्रेटिक रिपब्लिकन इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से भारतीय संविधान और उसकी उपलब्धियों पर गोष्ठी हुई। वक्ताओं ने संविधान को राष्ट्र की एकता का प्रतीक बताया।
विज्ञापन


गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि जगत मर्तोलिया, डॉ. आंबेडकर मिशन एंड फाउंडेशन के गोविंद राम गौतम, महेश मुरारी ने डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा में माल्यार्पण और दीप जलाकर किया। मर्तोलिया ने डॉ. आंबेडकर के संघर्षों पर चर्चा करते हुए कहा कि कई कठिनाइयों के बावजूद संविधान दो वर्ष 11 माह और 18 दिन में तैयार हुआ। गोविंद राम गौतम ने कहा कि बाबा साहेब ने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिलाओं, आदिवासियों, जनजाति, अनुसूचित जाति के साथ ही अगड़े वर्ग के हितों की रक्षा के अधिकारों से युक्त संविधान का निर्माण किया।
विज्ञापन


इस कारण ही देश के हर क्षेत्र में सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व प्राप्त हो रहा है। महेश मुरारी ने कहा कि राष्ट्र की एकता और गरिमा के लिए संविधान का सम्मान, उसकी सुरक्षा का दायित्व प्रत्येक नागरिक का है। इस दौरान हरिनंदन, कैलाश नाथ, अनिल कुमार, मनोज कुमार, कल्लू राम, गोविंद राम, गणेश गौतम, देवराज, दानी गंगोला, उमा मुरारी, प्रतिभा देवी, कमला देवी, गिरीश प्रसाद आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed