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विधायक चुफाल समेत पांच लोग दोषमुक्त करार
Updated Tue, 24 Jul 2018 11:08 PM IST
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पिथौरागढ़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए सड़क जाम करने के मामले में डीडीहाट विधायक विशन सिंह चुफाल, पूर्व जिपं अध्यक्ष विरेंद्र बोहरा, पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत समेत पांच लोगों को दोषमुक्त करार दिया है।
अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार न्यायिक मजिस्ट्रेट डीडीहाट की अदालत ने 18 जून 2016 को सुनाए फैसले में चुफाल, बोहरा, रावत एवं संजू उर्फ संजय भंडारी पुत्र किशन सिंह भंडारी निवासी अस्कोड़ा (कनालीछीना) और कनालीछीना व्यापार मंडल अध्यक्ष मोहन सिंह भंडारी को भारतीय दंड संहिता की धारा 341 के तहत दोषी पाते हुए 500-500 रुपये के जुर्माने से दंडित किया था। इस फैसले के खिलाफ इन लोगों ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील की।
इन पर आरोेप था कि 22 दिसंबर 2014 को इन लोगों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत स्वीकृत सड़कों के वन भूमि के प्रस्ताव प्रेषित न किए जाने के विरोध में कनालीछीना के पीपली तिराहे पर चक्काजाम किया था। इनके खिलाफ कनालीछीना थाना पुलिस ने यातायात बाधित करने समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि चक्काजाम के दौरान आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तत्कालीन एसडीएम अनुराग आर्य और सीओ महिपाल सिंह मौके पर पहुंचे, उनके समझाने पर जाम खोला गया। सोमवार 23 जुलाई को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी की अदालत ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए सभी को दोषमुक्त करार दिया। न्यायालय ने कहा कि अपीलार्थी/अभियुक्तगणों ने यदि कोई जुर्माना अवर न्यायालय में जमा किया हो तो नियमानुसार उन्हें वापस हो।
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अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार न्यायिक मजिस्ट्रेट डीडीहाट की अदालत ने 18 जून 2016 को सुनाए फैसले में चुफाल, बोहरा, रावत एवं संजू उर्फ संजय भंडारी पुत्र किशन सिंह भंडारी निवासी अस्कोड़ा (कनालीछीना) और कनालीछीना व्यापार मंडल अध्यक्ष मोहन सिंह भंडारी को भारतीय दंड संहिता की धारा 341 के तहत दोषी पाते हुए 500-500 रुपये के जुर्माने से दंडित किया था। इस फैसले के खिलाफ इन लोगों ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील की।
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इन पर आरोेप था कि 22 दिसंबर 2014 को इन लोगों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत स्वीकृत सड़कों के वन भूमि के प्रस्ताव प्रेषित न किए जाने के विरोध में कनालीछीना के पीपली तिराहे पर चक्काजाम किया था। इनके खिलाफ कनालीछीना थाना पुलिस ने यातायात बाधित करने समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि चक्काजाम के दौरान आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तत्कालीन एसडीएम अनुराग आर्य और सीओ महिपाल सिंह मौके पर पहुंचे, उनके समझाने पर जाम खोला गया। सोमवार 23 जुलाई को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी की अदालत ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए सभी को दोषमुक्त करार दिया। न्यायालय ने कहा कि अपीलार्थी/अभियुक्तगणों ने यदि कोई जुर्माना अवर न्यायालय में जमा किया हो तो नियमानुसार उन्हें वापस हो।
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