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होली और शादी में न परोसें शराब
Updated Mon, 26 Feb 2018 11:08 PM IST
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पिथौरागढ़। नगर के नेड़ा मोहल्ले में स्थित भारती सदन में आयोजित गोष्ठी में महिलाओं ने एक स्वर से अपील की कि होली, शादी के अवसर पर शराब को न परोसा जाए। जो खर्च शराब में किया जाता है उसे गरीबों की मदद में लगाया जाए। होली पर सभी तरह की घटनाएं शराब के कारण ही होती हैं। यदि होली पर शराब का प्रचलन पूरी तरह बंद हो जाए तो इस रंगीन त्योहार की गरिमा, बढ़ने लग जाएगी।
सामाजिक चिंतक डॉ. तारा सिंह ने कहा कि युवतियों को चाहिए कि वह शराबी परिवारों से शादी करने से इंकार करें। यदि वह ऐसा कदम उठाने का साहस करें तो समाज से शराब के प्रचलन को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं यदि चाहें तो वह समाज को दिशा दे सकती हैं। परिवार के व्यवहार को बदल सकती हैं। सुनीता आंकोटी ने कहा कि जो धन शराब पर खर्च किया जाता है, उसे किसी गरीब की बेटी के विवाह या इलाज के लिए दिया जाए तो पुण्य होगा। भागीरथी देवी ने कहा कि शादी के जश्न के समय पटाखे, आतिशबाजी कर धन की बर्बादी न की जाए। इससे पर्यावरण को भी नुकसान होता है। महिलाओं ने मद्यनिषेध का संकल्प लिया। इनमें भावना धामी, श्रेया कापड़ी, जानकी खड़ायत, शालिनी पंत, दीपा सामंत, तेजस्वी, आशा मोहन, चित्रा बिष्ट, किरन गोबाड़ी, यशस्वी, कौशल्या देवी, तनुजा उप्रेती आदि थे।
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सामाजिक चिंतक डॉ. तारा सिंह ने कहा कि युवतियों को चाहिए कि वह शराबी परिवारों से शादी करने से इंकार करें। यदि वह ऐसा कदम उठाने का साहस करें तो समाज से शराब के प्रचलन को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं यदि चाहें तो वह समाज को दिशा दे सकती हैं। परिवार के व्यवहार को बदल सकती हैं। सुनीता आंकोटी ने कहा कि जो धन शराब पर खर्च किया जाता है, उसे किसी गरीब की बेटी के विवाह या इलाज के लिए दिया जाए तो पुण्य होगा। भागीरथी देवी ने कहा कि शादी के जश्न के समय पटाखे, आतिशबाजी कर धन की बर्बादी न की जाए। इससे पर्यावरण को भी नुकसान होता है। महिलाओं ने मद्यनिषेध का संकल्प लिया। इनमें भावना धामी, श्रेया कापड़ी, जानकी खड़ायत, शालिनी पंत, दीपा सामंत, तेजस्वी, आशा मोहन, चित्रा बिष्ट, किरन गोबाड़ी, यशस्वी, कौशल्या देवी, तनुजा उप्रेती आदि थे।
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