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प्राधिकरण के विरोध में देवलथल में प्रदर्शन
Updated Sun, 28 Jan 2018 10:17 PM IST
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पिथौरागढ़। विकास प्राधिकरण के दायरे में ग्रामीण क्षेत्रों को भी शामिल करने के विरोध में रविवार को लोगों ने प्रदर्शन किया और सरकार से मांग की कि प्राधिकरण के दायरे से गांवों और कस्बों को अलग किया जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो आने वाले समय में गांव के लोगों की समस्याएं बढ़ जाएंगी। गांव के लोग मकान तो दूर शौचालय तक नहीं बना पाएंगे।
कहा गया कि सरकार ने पहले नोटबंदी, फिर जीएसटी और अब प्राधिकरण का चाबुक लोगों पर लगाया है। प्राधिकरण के दायरे में राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य राजमार्ग की 200 मीटर की परिधि में आने वाले सभी मकान और गांव शामिल हो जाएंगे। गांव में यदि कोई व्यक्ति शौचालय भी बनाना चाहे तो उसे पहले नक्शा पास कराना होगा। इसमें गांव के लोगों को कई चक्कर काटने पड़ जाएंगे।
ग्रामीण उत्थान समिति के संयोजक युवराज सिंह सामंत के नेतृत्व में एकत्रित लोगों ने कहा कि प्राधिकरण के दायरे से यदि गांवों को अलग नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने कहा कि इस मुद्दे पर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा और इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की जाएगी। प्रदर्शन में हरेंद्र बसेड़ा, गिरीश पांडे, रमेश सिंह, मोहन सिंह, जगदीश देउपा, भूपेंद्र सिंह, भूपेंद्र राम, हरीश सिंह आदि शामिल हुए।
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कहा गया कि सरकार ने पहले नोटबंदी, फिर जीएसटी और अब प्राधिकरण का चाबुक लोगों पर लगाया है। प्राधिकरण के दायरे में राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य राजमार्ग की 200 मीटर की परिधि में आने वाले सभी मकान और गांव शामिल हो जाएंगे। गांव में यदि कोई व्यक्ति शौचालय भी बनाना चाहे तो उसे पहले नक्शा पास कराना होगा। इसमें गांव के लोगों को कई चक्कर काटने पड़ जाएंगे।
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ग्रामीण उत्थान समिति के संयोजक युवराज सिंह सामंत के नेतृत्व में एकत्रित लोगों ने कहा कि प्राधिकरण के दायरे से यदि गांवों को अलग नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने कहा कि इस मुद्दे पर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा और इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की जाएगी। प्रदर्शन में हरेंद्र बसेड़ा, गिरीश पांडे, रमेश सिंह, मोहन सिंह, जगदीश देउपा, भूपेंद्र सिंह, भूपेंद्र राम, हरीश सिंह आदि शामिल हुए।
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