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कुमांऊनी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाय
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पिथौरागढ़। मातृ भाषा दिवस पर राजकीय इंटर कॉलेज गौरंगचौड़ में गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें शिक्षक एवं साहित्यकार डॉ. पीतांबर अवस्थी ने भाषा बोली के महत्व पर विचार रखे।
उन्होंने कहा कि संरक्षण नहीं होने से विश्व की कई क्षेत्रीय भाषाएं लगातार विलुप्त हो रही हैं। कुमाऊंनी भाषा के संरक्षण के लिए इस भाषा को आठवीं अनुसूची में रखा जाना चाहिए। गोष्ठी में किशोर पाटनी, डॉ. भगवती प्रसाद पाठक, ममता भट्ट, मंजू साह, बसंत बल्लभ पांडेय, पूरन सिंह ऐरी आदि थे।
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उन्होंने कहा कि संरक्षण नहीं होने से विश्व की कई क्षेत्रीय भाषाएं लगातार विलुप्त हो रही हैं। कुमाऊंनी भाषा के संरक्षण के लिए इस भाषा को आठवीं अनुसूची में रखा जाना चाहिए। गोष्ठी में किशोर पाटनी, डॉ. भगवती प्रसाद पाठक, ममता भट्ट, मंजू साह, बसंत बल्लभ पांडेय, पूरन सिंह ऐरी आदि थे।
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