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हिमखोला नाले में बालिका का कटा पैर मिला
Updated Sun, 08 Jul 2018 10:45 PM IST
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धारचूला/मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। हिमखोला नाले में एक बालिका का कटा पैर मिला है। कटे पैर के 2 जुलाई को हिमखोला नाले में बही प्रियंका (15) पुत्री गोपाल राम निवासी छिलासों का है। धारचूला में एक महिला समेत दो लोग अब भी लापता हैं। मुनस्यारी के हरकोट से लापता व्यक्ति का सात दिन बाद भी कोई पता नहीं चला है।
दो जुलाई को प्रियंका अपने मामा मनी राम, मामी राधा देवी के साथ हिमखोला नाले से गुजर रही थी, तीनों नाले के तेज बहाव में बह गए। मनी राम जिंदा बच गए थे, उनका धारचूला के अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रियंका और राधा देवी बह गए थे। इसी नाले में धारपांगू निवासी गजेंद्र सिंह भी बह गए थे। राधा देवी और गजेंद्र सिंह का अब तक कोई पता नहीं चला है।
एसडीआरएफ के टीम लीडर मनोहर सिंह कन्याल के अनुसार कटे पैर की शिनाख्त लापता प्रियंका के होने की पुष्टि हो गई है। उधर, मुनस्यारी के हरकोट निवासी किशन राम को रविवार को भी कोई पता नहीं चला है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम गोरी नदी के किनारे सर्च ऑपरेशन चला रही है।
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लोग लगा रहे नदी में ट्राली
बंगापानी। रास्ते ध्वस्त होने से बंगापानी तहसील के मदरमा, तामाखानी, दवानी गांव अलग-थलग हो गए हैं। आवाजाही में हो रही परेशानी को देखते हुए ग्रामीणों ने अपने दम पर गोरी नदी में ट्राली लगाने का काम शुरू कर दिया है। एक-दो जुलाई की अतिवृष्टि में इन गांवों को जोड़ने वाले सारे रास्ते ध्वस्त हो गए। लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इस पर गांव के लोगों ने बंगापानी से आधा किमी दूर पूर्व में एनएचपीसी द्वारा लगाई गई ट्राली के सामान का उपयोग कर ट्राली लगानी शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने ट्राली के डिब्बे और रस्सी का इंतजाम खुद किया है। ट्राली के सोमवार तक बनने की उम्मीद है। ट्राली लगने के बाद इन गांवों के लोगों को चार किमी अतिरिक्त पैदल नहीं चलना पड़ेगा। ट्राली लगाने में सामाजिक कार्यकर्ता उमेश धामी, नारायण सिंह, कुंदन सिंह, त्रिभुवन धामी, उमेश सिंह, मनोज धामी, गोविंद सिंह, चंदू, विनोद आदि शामिल हैं।
वैगा, साना में घरों में घुसा पानी
मुनस्यारी। वैगा और साना गांव में पानी घुसने की सूचना पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है। दोनों गांव के 18 परिवारों को देवी मंदिर प्रांगण में शरण दी गई है। उधर, सेरा सुरईधार में 80 नाली के खेतों में मलबा पटा है। खेत बर्बाद हो गए हैं। मकानों और आंगनों में दरार हैं। डाडाबिसा में करन सिंह पुत्र गोपाल सिंह के मकान में दरार आ गई है। मकान रहने लायक नहीं रह गया है। भाजपा की मानीटरिंग टीम ने पापड़ी गांव की बाटुली देवी के परिवार को सेविला के पुराने पंचायतघर में शिफ्ट किया है। चंद्र राम पुत्र भीम राम, नरेंद्र राम, दूरी देवी के परिवार को नए पंचायत घर में शिफ्ट किया गया है।
रेडक्रास सोसायटी ने राहत किट बांटे
पिथौरागढ़/मुनस्यारी। रेडक्रास सोसायटी के प्रदेश सचिव कुंदन सिंह टोलिया ने तामाधार, सरमोली, जैंती, आईटीआई भवन क्षेत्र में जाकर लोगों को राहत किट बांटे। उनके साथ स्वयंसेवक चंचल बसेड़ा, हिमांशु ठकुराठी, उमेश कुमार राहत कार्य में जुटे हैं। सोसायटी ने जैंती में जगत सिंह के परिवार को टेंट उपलब्ध कराया। उनका मकान ध्वस्त हो गया था। डॉ. हेमंत मर्तोलिया, फार्मेसिस्ट वीरेंद्र सयाना ने रेडक्रास सोसायटी के स्वास्थ्य कैंप में मरीजों का परीक्षण किया। सोसायटी के सचिव टोलिया ने बताया कि आवश्यक सामग्री मंगाई गई है। इसका वितरण किया जाएगा। इधर, डीएम ने बताया कि रविवार को धारचूला से 6 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिये गुंजी, बूंदी ले जाया गया। 17 लोगों को वहां से धारचूला लाया गया।
18 घंटे बाद खुली मुनस्यारी सड़क
पिथौरागढ़/मुनस्यारी। थल-मुनस्यारी सड़क पर शनिवार रात बनिक और रातापानी के पास भारी मात्रा में मलबा गिर गया था। करीब 18 घंटे बाद सड़क पर यातायात बहाल हुआ है। लोनिवि को सड़क बंद होने की जानकारी रविवार सुबह हुई। लोनिवि ने मशीनें लगाकर सड़कों को खोलने का काम शुरू किया। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोनिवि के उपखंड अधिकारी शरद जिंदल ने बताया कि सड़क पर दोपहर दो बजे यातायात बहाल हुआ।
ये सड़कें बंद हैं
1. तवाघाट-घटियाबगड़
2. न्यू सोबला-सेला तिदांग
3. जौलजीबी-मदकोट
4. कंज्योति-नारायण आश्रम
5. मदकोट-बोना
6. जौलजीबी-कौलीकन्याल
7. मुनस्यारी-दरकोट
8. मदकोट-दारमा
9. मुनस्यारी-डाडाधार
10. डाडाधार-पापड़ी
11. दराती-तल्ला दुम्मर
12. सरमोली-मर्तोलीथौड़
13. बांसबगड़-कोटा पंद्रपाला
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दो जुलाई को प्रियंका अपने मामा मनी राम, मामी राधा देवी के साथ हिमखोला नाले से गुजर रही थी, तीनों नाले के तेज बहाव में बह गए। मनी राम जिंदा बच गए थे, उनका धारचूला के अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रियंका और राधा देवी बह गए थे। इसी नाले में धारपांगू निवासी गजेंद्र सिंह भी बह गए थे। राधा देवी और गजेंद्र सिंह का अब तक कोई पता नहीं चला है।
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एसडीआरएफ के टीम लीडर मनोहर सिंह कन्याल के अनुसार कटे पैर की शिनाख्त लापता प्रियंका के होने की पुष्टि हो गई है। उधर, मुनस्यारी के हरकोट निवासी किशन राम को रविवार को भी कोई पता नहीं चला है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम गोरी नदी के किनारे सर्च ऑपरेशन चला रही है।
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लोग लगा रहे नदी में ट्राली
बंगापानी। रास्ते ध्वस्त होने से बंगापानी तहसील के मदरमा, तामाखानी, दवानी गांव अलग-थलग हो गए हैं। आवाजाही में हो रही परेशानी को देखते हुए ग्रामीणों ने अपने दम पर गोरी नदी में ट्राली लगाने का काम शुरू कर दिया है। एक-दो जुलाई की अतिवृष्टि में इन गांवों को जोड़ने वाले सारे रास्ते ध्वस्त हो गए। लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इस पर गांव के लोगों ने बंगापानी से आधा किमी दूर पूर्व में एनएचपीसी द्वारा लगाई गई ट्राली के सामान का उपयोग कर ट्राली लगानी शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने ट्राली के डिब्बे और रस्सी का इंतजाम खुद किया है। ट्राली के सोमवार तक बनने की उम्मीद है। ट्राली लगने के बाद इन गांवों के लोगों को चार किमी अतिरिक्त पैदल नहीं चलना पड़ेगा। ट्राली लगाने में सामाजिक कार्यकर्ता उमेश धामी, नारायण सिंह, कुंदन सिंह, त्रिभुवन धामी, उमेश सिंह, मनोज धामी, गोविंद सिंह, चंदू, विनोद आदि शामिल हैं।
वैगा, साना में घरों में घुसा पानी
मुनस्यारी। वैगा और साना गांव में पानी घुसने की सूचना पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है। दोनों गांव के 18 परिवारों को देवी मंदिर प्रांगण में शरण दी गई है। उधर, सेरा सुरईधार में 80 नाली के खेतों में मलबा पटा है। खेत बर्बाद हो गए हैं। मकानों और आंगनों में दरार हैं। डाडाबिसा में करन सिंह पुत्र गोपाल सिंह के मकान में दरार आ गई है। मकान रहने लायक नहीं रह गया है। भाजपा की मानीटरिंग टीम ने पापड़ी गांव की बाटुली देवी के परिवार को सेविला के पुराने पंचायतघर में शिफ्ट किया है। चंद्र राम पुत्र भीम राम, नरेंद्र राम, दूरी देवी के परिवार को नए पंचायत घर में शिफ्ट किया गया है।
रेडक्रास सोसायटी ने राहत किट बांटे
पिथौरागढ़/मुनस्यारी। रेडक्रास सोसायटी के प्रदेश सचिव कुंदन सिंह टोलिया ने तामाधार, सरमोली, जैंती, आईटीआई भवन क्षेत्र में जाकर लोगों को राहत किट बांटे। उनके साथ स्वयंसेवक चंचल बसेड़ा, हिमांशु ठकुराठी, उमेश कुमार राहत कार्य में जुटे हैं। सोसायटी ने जैंती में जगत सिंह के परिवार को टेंट उपलब्ध कराया। उनका मकान ध्वस्त हो गया था। डॉ. हेमंत मर्तोलिया, फार्मेसिस्ट वीरेंद्र सयाना ने रेडक्रास सोसायटी के स्वास्थ्य कैंप में मरीजों का परीक्षण किया। सोसायटी के सचिव टोलिया ने बताया कि आवश्यक सामग्री मंगाई गई है। इसका वितरण किया जाएगा। इधर, डीएम ने बताया कि रविवार को धारचूला से 6 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिये गुंजी, बूंदी ले जाया गया। 17 लोगों को वहां से धारचूला लाया गया।
18 घंटे बाद खुली मुनस्यारी सड़क
पिथौरागढ़/मुनस्यारी। थल-मुनस्यारी सड़क पर शनिवार रात बनिक और रातापानी के पास भारी मात्रा में मलबा गिर गया था। करीब 18 घंटे बाद सड़क पर यातायात बहाल हुआ है। लोनिवि को सड़क बंद होने की जानकारी रविवार सुबह हुई। लोनिवि ने मशीनें लगाकर सड़कों को खोलने का काम शुरू किया। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोनिवि के उपखंड अधिकारी शरद जिंदल ने बताया कि सड़क पर दोपहर दो बजे यातायात बहाल हुआ।
ये सड़कें बंद हैं
1. तवाघाट-घटियाबगड़
2. न्यू सोबला-सेला तिदांग
3. जौलजीबी-मदकोट
4. कंज्योति-नारायण आश्रम
5. मदकोट-बोना
6. जौलजीबी-कौलीकन्याल
7. मुनस्यारी-दरकोट
8. मदकोट-दारमा
9. मुनस्यारी-डाडाधार
10. डाडाधार-पापड़ी
11. दराती-तल्ला दुम्मर
12. सरमोली-मर्तोलीथौड़
13. बांसबगड़-कोटा पंद्रपाला