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पाल दंपति की गमगीन माहौल में अंत्येष्टि
Updated Sun, 25 Nov 2018 09:51 PM IST
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। नेपाल के दार्चुला में शुक्रवार को हुए बस हादसे में मारे गए ऊंचाकोट के पाल दंपति की रविवार को हंसेश्वर घाट पर गमगीन माहौल में अंत्येष्टि की गई। दंपति की मौत से उनकी दो बच्चियों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।
बस हादसे में ऊंचाकोट के अनिल पाल (53) और उनकी पत्नी मंजू देवी (48) की मौत हो गई थी। इस दंपति की मृत्यु से उनकी दो बच्चियां अनाथ हो गई हैं। दंपति की बड़ी बेटी विदिशा हिम ज्योति संस्थान देहरादून में कक्षा 8 में पढ़ती हैं। छोटी बेटी टेरेसा गंगोलीहाट नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 में पढ़ती है। इन बच्चियों के पालन-पोषण की समस्या पैदा हो गई है।
ग्राम प्रधान उमा देवी, कांग्रेस प्रदेश सचिव प्रदीप पाल, सूबेदार दिनेश चंद्र पाल, तरुण पाल, प्राथमिक पाठशाला ऊंचाकोट के प्रधानाध्यापक कमान लुंठी, अशोक पाल, पीतांबर जोशी ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा है कि दोनों बच्चियों के भरण-पोषण के लिए उन्हें आर्थिक सहायता की जरूरत है, अन्यथा इन बच्चियों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा। ग्राम प्रधान ने कहा कि आर्थिक सहायता दिलाने के लिए शासन, प्रशासन से पत्राचार किया जाएगा।
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बस हादसे में ऊंचाकोट के अनिल पाल (53) और उनकी पत्नी मंजू देवी (48) की मौत हो गई थी। इस दंपति की मृत्यु से उनकी दो बच्चियां अनाथ हो गई हैं। दंपति की बड़ी बेटी विदिशा हिम ज्योति संस्थान देहरादून में कक्षा 8 में पढ़ती हैं। छोटी बेटी टेरेसा गंगोलीहाट नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 में पढ़ती है। इन बच्चियों के पालन-पोषण की समस्या पैदा हो गई है।
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ग्राम प्रधान उमा देवी, कांग्रेस प्रदेश सचिव प्रदीप पाल, सूबेदार दिनेश चंद्र पाल, तरुण पाल, प्राथमिक पाठशाला ऊंचाकोट के प्रधानाध्यापक कमान लुंठी, अशोक पाल, पीतांबर जोशी ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा है कि दोनों बच्चियों के भरण-पोषण के लिए उन्हें आर्थिक सहायता की जरूरत है, अन्यथा इन बच्चियों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा। ग्राम प्रधान ने कहा कि आर्थिक सहायता दिलाने के लिए शासन, प्रशासन से पत्राचार किया जाएगा।
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