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वार्षिक परीक्षा के बाद मासिक परीक्षा कराना औचित्यहीन
Updated Sat, 24 Feb 2018 11:08 PM IST
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पिथौरागढ़। राजकीय शिक्षक संघ ने वार्षिक परीक्षा संपन्न होने के बाद मासिक परीक्षा के कराने के फरमान को औचित्यहीन करार दिया है। कहा है कि हाइस्कूल और इंटर कॉलेजों के शिक्षक 28 फरवरी को बोर्ड परीक्षा केंद्रों के लिए कार्यमुक्त हो चुके होंगे। ऐसे में मासिक परीक्षाओं की उत्तर परीक्षाओं का मूल्यांकन कैसे होगा, आदेश में इसका भी उल्लेख नहीं है।
19 फरवरी को अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा वीएस रावत ने जिला शिक्षाधिकारियों को भेजे पत्र में कक्षा 3 से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों की मासिक परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा है कि प्राथमिक की हिंदी, अंग्रेजी, गणित, उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) की हिंदी, गणित की मासिक परीक्षा 26 फरवरी, उच्च प्राथमिक की विज्ञान, गणित की मासिक परीक्षा 27 फरवरी को कराई जानी हैं।
कहा है कि आगामी महीनों में प्रत्येक महीने के अंतिम सोमवार और मंगलवार को मासिक परीक्षाएं करानी होंगी। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के आदेश पर राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गोविंद भंडारी ने सवाल खड़े किए हैं। कहा है कि हाइस्कूृल और इंटर कॉलेजों में एक सप्ताह पहले वार्षिक परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं। वार्षिक परीक्षाओं के बाद परीक्षा का कोई औचित्य नहीं है।
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19 फरवरी को अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा वीएस रावत ने जिला शिक्षाधिकारियों को भेजे पत्र में कक्षा 3 से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों की मासिक परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा है कि प्राथमिक की हिंदी, अंग्रेजी, गणित, उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) की हिंदी, गणित की मासिक परीक्षा 26 फरवरी, उच्च प्राथमिक की विज्ञान, गणित की मासिक परीक्षा 27 फरवरी को कराई जानी हैं।
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कहा है कि आगामी महीनों में प्रत्येक महीने के अंतिम सोमवार और मंगलवार को मासिक परीक्षाएं करानी होंगी। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के आदेश पर राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गोविंद भंडारी ने सवाल खड़े किए हैं। कहा है कि हाइस्कूृल और इंटर कॉलेजों में एक सप्ताह पहले वार्षिक परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं। वार्षिक परीक्षाओं के बाद परीक्षा का कोई औचित्य नहीं है।
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