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परिवहन निगम की 18 बसें पहाड़ से हो जाएंगी रिटायर
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ डिपो में चलने वाली उत्तराखंड परिवहन निगम की 18 बसें पहाड़ से अगले साल रिटायर हो जाएंगी। मानक पूरा होने के बाद रिटायर होने वाली इन बसों को मैदानी क्षेत्रों में संचालित किया जाएगा। इन बसों के स्थान पर नई बसें डिपो को मिलेंगी।
पिथौरागढ़ में उत्तराखंड परिवहन निगम के पास वर्तमान में 62 बसों का बेड़ा है। रुटीन में निगम 20 बसों का संचालन दिल्ली, देहरादून, बरेली सहित उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों और स्थानीय स्तर पर करता है। नियम के मुताबिक पहाड़ी रूटों में बसों का संचालन सात लाख किलोमीटर तक ही किया जाता है। निगम के अधिकारियों के मुताबिक सात लाख किमी की दूरी तय कर चुकी बसें तकनीकी रूप से पहाड़ के मार्गों पर संचालन के लायक नहीं रहती। इनके खराब और अचानक चलते- चलते बंद होने का खतरा रहता है।
पिथौरागढ़ डिपो में इस समय संचालित हो रही बसों के बेड़े में से 18 बसें ऐसी हैं जो निर्धारित सात लाख किलोमीटर का सफर पूरा कर चुकी हैं। ऐसे में निगम की यह बसें अगले साल मार्च 2023 तक रिटायर हो जाएंगी। इसके बाद डिपो के पास 44 बसें रह जाएंगी। नियमानुसार मानक पूरी कर चुकी बसों के स्थान पर निगम की ओर से डिपो को नई बसें उपलब्ध कराई जाएंगी।
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निगम की 18 बसें पर्वतीय क्षेत्र में सात लाख किलोमीटर चलने का निर्धारित मानक पूरा कर लेंगी। इन बसों को पहाड़ के रूटों से हटा दिया जाएगा। इनके स्थान पर नई बसों को शामिल कर संचालन किया जाएगा। मानक पूरा होने से पहले ही नई बसें मिल जाएंगी।
- रवि शेखर कापड़ी, एआरएम पिथौरागढ़।
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पिथौरागढ़ में उत्तराखंड परिवहन निगम के पास वर्तमान में 62 बसों का बेड़ा है। रुटीन में निगम 20 बसों का संचालन दिल्ली, देहरादून, बरेली सहित उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों और स्थानीय स्तर पर करता है। नियम के मुताबिक पहाड़ी रूटों में बसों का संचालन सात लाख किलोमीटर तक ही किया जाता है। निगम के अधिकारियों के मुताबिक सात लाख किमी की दूरी तय कर चुकी बसें तकनीकी रूप से पहाड़ के मार्गों पर संचालन के लायक नहीं रहती। इनके खराब और अचानक चलते- चलते बंद होने का खतरा रहता है।
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पिथौरागढ़ डिपो में इस समय संचालित हो रही बसों के बेड़े में से 18 बसें ऐसी हैं जो निर्धारित सात लाख किलोमीटर का सफर पूरा कर चुकी हैं। ऐसे में निगम की यह बसें अगले साल मार्च 2023 तक रिटायर हो जाएंगी। इसके बाद डिपो के पास 44 बसें रह जाएंगी। नियमानुसार मानक पूरी कर चुकी बसों के स्थान पर निगम की ओर से डिपो को नई बसें उपलब्ध कराई जाएंगी।
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निगम की 18 बसें पर्वतीय क्षेत्र में सात लाख किलोमीटर चलने का निर्धारित मानक पूरा कर लेंगी। इन बसों को पहाड़ के रूटों से हटा दिया जाएगा। इनके स्थान पर नई बसों को शामिल कर संचालन किया जाएगा। मानक पूरा होने से पहले ही नई बसें मिल जाएंगी।
- रवि शेखर कापड़ी, एआरएम पिथौरागढ़।