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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   First-ever traffic jam at an altitude of 14,500 feet Tourists stranded at Adi Kailash rising number of vehicle

पहली बार 14,500 फीट की ऊंचाई पर जाम: आदि कैलाश में जूझे पर्यटक; वाहनों की बढ़ती संख्या से लगीं लंबी कतारें

Tue, 06 Oct 2026 05:49 AM IST
Digvijay Singh धारचूला (पिथौरागढ़)।
धारचूला (पिथौरागढ़)। Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 06 Oct 2026 05:49 AM IST
सार

उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में आदि कैलाश में पहली बार जाम की स्थिति सामने आई। करीब 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस क्षेत्र में देशभर से बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के चलते सोमवार को वाहनों की लंबी कतारें लगीं और यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ा।

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First-ever traffic jam at an altitude of 14,500 feet Tourists stranded at Adi Kailash rising number of vehicle
आदि कैलाश में लगा जाम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार
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उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में आदि कैलाश में पहली बार जाम की स्थिति सामने आई। करीब 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस क्षेत्र में देशभर से बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के चलते सोमवार को वाहनों की लंबी कतारें लगीं और यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ा। आदि कैलाश क्षेत्र में बीते दिनों भारी बर्फबारी हुई। सड़क पर तीन से चार फीट तक बर्फ जमा हो गई थी। बीआरओ ने जेसीबी से बर्फ हटाकर यातायात सुचारु कराया लेकिन सड़क किनारे जमा तीन से चार फीट बर्फ पूरी तरह नहीं हटने से मार्ग की चौड़ाई कम हो गई। इससे वाहनों के एक-दूसरे को पास देने में परेशानी हुई। यह क्षेत्र उच्च हिमालय की कठोर भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों वाला है। यहां मौसम में अचानक बदलाव, भारी बर्फबारी और सड़क पर बर्फ जमना सामान्य यातायात के लिए बड़ी चुनौती है।

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बर्फ के ढेर से कम हो जाती है चौड़ाई
आदि कैलाश में जाम के पीछे एक साथ कई कारण सामने आ रहे हैं। हालिया भारी बर्फबारी के बाद सड़क पर जमा तीन से चार फीट बर्फ हटाने के बावजूद दोनों किनारों पर बर्फ के ढेर रह गए हैं। इससे सड़क की प्रभावी चौड़ाई कम हो गई है। दूसरा, यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ निजी वाहनों का दबाव भी बढ़ा है। ऐलागाड़, कुलागाड़, एस बैंड और मलघाट जैसे संवेदनशील हिस्सों में सड़क पहले से ही अपेक्षाकृत संकरी है। यहां एक साथ अधिक वाहन पहुंचने पर आमने-सामने से वाहनों को निकालना मुश्किल हो जाता है। बर्फबारी के दौरान सड़क की स्थिति और खराब होने से यह समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में एक स्थान पर वाहन रुकने का असर पीछे तक पहुंचकर लंबी कतार में बदल रहा है।
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उच्च हिमालयी क्षेत्र में दखल बढ़ा वाहनों का दबाव नई परेशानी 
आदि कैलाश करीब 14,500 फीट यानी 4,420 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। कुछ वर्ष पहले तक यहां दुर्गम पहाड़ी रास्ते और मौसम की चुनौती सबसे बड़ी बाधा मानी जाती थी। वहां अब वाहनों का दबाव भी नई परेशानी बन गया है। आदि कैलाश मार्ग चीन सीमा तक पहुंच का प्रमुख रास्ता होने के साथ सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। बीआरओ की ओर से सड़क को बेहतर किए जाने और कई हिस्सों में डामरीकरण के बाद यहां वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में आसान हुई है। इसका असर यात्रा पर भी पड़ा है और देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने वाहनों से यहां पहुंच रहे हैं। 
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3 साल में 3 गुना से अधिक बढ़े पर्यटक
वर्ष            आदि कैलाश  

2023     10,079
2024     29,423
2025     31,558
2026     61,950

आदि कैलाश क्षेत्र में वाहनों का दबाव बढ़ा है। पुलिसकर्मी लगातार यातायात व्यवस्था सुचारु करने में जुटे हैं। फिलहाल, बर्फबारी से जाम की समस्या पैदा हो रही है। -अक्षय प्रह्लाद कोंडे एसपी, पिथौरागढ़

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