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रेडक्रास सोसायटी का आरोप पर्चों में नहीं लिखी जा रही जेनरिक दवाइयां
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पिथौरागढ़। जन औषधि केंद्र का संचालन कर रही रेडक्रॉस सोसायटी ने एक डॉक्टर पर पर्चे में जेनरिक दवाइयां नहीं लिखने का आरोप लगाया है। रेडक्रॉस सोसायटी का आरोप है कि जेनरिक स्टोर में रखी गई बच्चों की 50 से 60 हजार मूल्य की दवाएं एक्सपायर हो गईं।
जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र का संचालन रेडक्रॉस सोसायटी करती है। सीमांत यूथ मोर्चा ने जन औषधि केंद्र में बच्चों की दवाएं उपलब्ध नहीं होने की शिकायत सीएमओ से की थी। इस मामले में रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्यों का कहना है कि जेनरिक स्टोर में बच्चों की सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध थीं। आरोप है कि अस्पताल से पर्चे में जेनरिक दवाएं नहीं लिखी गई, जबकि कुछ दवाओं को गलत बताकर वापस कर दिया गया। जेनरिक के बजाय महंगी दवाएं लिखने से जन औषधि केंद्र में रखी हजारों मूल्य की दवाएं एक्सपायर हो गई। इसको लेकर रेडक्रॉस सोसायटी में नाराजगी है।
रेडक्रॉस सोसायटी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कुंदन सिंह टोलिया सहित अन्य पदाधिकारियों का कहना है कि आम गरीब जनता के लिए जन औषधि केंद्र खोले गए हैं। सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों का पर्चों में जन औषधि केंद्र की दवाएं नहीं लिखना गंभीर विषय है। इस मामले को शीघ्र ही जिलाधिकारी के सामने उठाया जाएगा। उन्होंने मामले की शिकायत रेडक्रॉस सोसायटी के मुख्यालय और प्रदेश की राज्यपाल से करने की चेतावनी दी है।
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इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.ऊषा गुंज्याल ने बताया कि चिकित्सकों को जेनरिक दवाएं लिखने के निर्देश दिए हैं। उनके पास अभी इस तरह की शिकायत नहीं आई है। यदि जेनरिक दवाएं नहीं लिखी जा रही हैं तो इस मामले की जांच की जाएगी।
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जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र का संचालन रेडक्रॉस सोसायटी करती है। सीमांत यूथ मोर्चा ने जन औषधि केंद्र में बच्चों की दवाएं उपलब्ध नहीं होने की शिकायत सीएमओ से की थी। इस मामले में रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्यों का कहना है कि जेनरिक स्टोर में बच्चों की सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध थीं। आरोप है कि अस्पताल से पर्चे में जेनरिक दवाएं नहीं लिखी गई, जबकि कुछ दवाओं को गलत बताकर वापस कर दिया गया। जेनरिक के बजाय महंगी दवाएं लिखने से जन औषधि केंद्र में रखी हजारों मूल्य की दवाएं एक्सपायर हो गई। इसको लेकर रेडक्रॉस सोसायटी में नाराजगी है।
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रेडक्रॉस सोसायटी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कुंदन सिंह टोलिया सहित अन्य पदाधिकारियों का कहना है कि आम गरीब जनता के लिए जन औषधि केंद्र खोले गए हैं। सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों का पर्चों में जन औषधि केंद्र की दवाएं नहीं लिखना गंभीर विषय है। इस मामले को शीघ्र ही जिलाधिकारी के सामने उठाया जाएगा। उन्होंने मामले की शिकायत रेडक्रॉस सोसायटी के मुख्यालय और प्रदेश की राज्यपाल से करने की चेतावनी दी है।
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इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.ऊषा गुंज्याल ने बताया कि चिकित्सकों को जेनरिक दवाएं लिखने के निर्देश दिए हैं। उनके पास अभी इस तरह की शिकायत नहीं आई है। यदि जेनरिक दवाएं नहीं लिखी जा रही हैं तो इस मामले की जांच की जाएगी।