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मुख्यमंत्री से आपदा प्रभावित गांवों के पुनर्वास की मांग की
Updated Fri, 27 Jul 2018 10:34 PM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। सामाजिक कार्यकर्ता एवं तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित लीला बनंग्याल ने मुख्यमंत्री के समक्ष आपदा प्रभावित गांवों के लोगों की समस्याएं रखते हुए पुनर्वास की मांग की।
उन्होंने सीमांत तहसील में छूटी जातियों को ओबीसी में शामिल करने और मुनस्यारी की तर्ज पर वन पंचायतों के माध्यम से कीड़ा जड़ी दोहन की अनुमति देने की भी मांग की।
लीला बनंग्याल ने बताया कि धारचूला के जिप्ती, सिमखोला, गाला, जौलजीबी, बलुवाकोट, घाटीबगढ़, गोठी, दर और सोबला के गांव आपदा के कारण खतरे की जद में हैं। बरसात मेें इन गांवों में रहने वाले लोगों को गंभीर खतरा बना रहता है। लोगों को बिजली, पानी, संचार के लिए तरसना पड़ता है।
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उन्होंने ओझा, कन्याल, पोखरिया, बसेड़ा जातियों को भी ओबीसी में शामिल कर आरक्षण का लाभ देने की मांग सीएम से की। उन्होंने बताया कि इस मामले में मुख्यमंत्री की ओर से केंद्र को प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया गया है।
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उन्होंने सीमांत तहसील में छूटी जातियों को ओबीसी में शामिल करने और मुनस्यारी की तर्ज पर वन पंचायतों के माध्यम से कीड़ा जड़ी दोहन की अनुमति देने की भी मांग की।
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लीला बनंग्याल ने बताया कि धारचूला के जिप्ती, सिमखोला, गाला, जौलजीबी, बलुवाकोट, घाटीबगढ़, गोठी, दर और सोबला के गांव आपदा के कारण खतरे की जद में हैं। बरसात मेें इन गांवों में रहने वाले लोगों को गंभीर खतरा बना रहता है। लोगों को बिजली, पानी, संचार के लिए तरसना पड़ता है।
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उन्होंने ओझा, कन्याल, पोखरिया, बसेड़ा जातियों को भी ओबीसी में शामिल कर आरक्षण का लाभ देने की मांग सीएम से की। उन्होंने बताया कि इस मामले में मुख्यमंत्री की ओर से केंद्र को प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया गया है।