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चमलेख के लोग भी नहीं डालेंगे वोट
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। व्यवस्था से आजिज आकर गर्जिया ग्राम पंचायत के चमलेख गांव के लोगों ने भी लोकसभा चुनाव में मतदान न करने का एलान किया है।
गर्जिया के ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह बसेड़ा के नेतृत्व में लामबंद लोगों ने कहा है कि अस्कोट से चमलेख गांव के लिए बन रही सड़क कई वर्ष बीतने के बाद भी अधूरी है। गांव के लोग लगातार सड़क का काम पूरा करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। गांव के लोगों को सड़क तक जाने के लिए कई किमी पैदल चलना पड़ता है।
बीमार और असहाय लोगों को अस्कोट तक लाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्राम प्रधान ने कहा कि सड़क मंजूर होने के बाद भी नहीं बनाई जा रही है। इससे बड़ा अन्याय और क्या हो सकता है। कहा कि सड़क के मुद्दे पर चमलेख गांव के लोगों ने लोकसभा चुनाव में मतदान न करने का निर्णय ले लिया है।
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गर्जिया के ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह बसेड़ा के नेतृत्व में लामबंद लोगों ने कहा है कि अस्कोट से चमलेख गांव के लिए बन रही सड़क कई वर्ष बीतने के बाद भी अधूरी है। गांव के लोग लगातार सड़क का काम पूरा करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। गांव के लोगों को सड़क तक जाने के लिए कई किमी पैदल चलना पड़ता है।
बीमार और असहाय लोगों को अस्कोट तक लाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्राम प्रधान ने कहा कि सड़क मंजूर होने के बाद भी नहीं बनाई जा रही है। इससे बड़ा अन्याय और क्या हो सकता है। कहा कि सड़क के मुद्दे पर चमलेख गांव के लोगों ने लोकसभा चुनाव में मतदान न करने का निर्णय ले लिया है।
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