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रस्मअदायगी बनी खाद्य पदार्थों की जांच
Updated Thu, 18 Oct 2018 10:53 PM IST
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पिथौरागढ़। त्योहार का सीजन आते ही खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी तेज हो जाती है। मिलावटखोर मुनाफा कमाने के लिए जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग कुछ नहीं कर पाता। ऐसे में खाद्य पदार्थों की जांच की कार्रवाई भी महज रस्मअदायगी बनकर रह जाती है। इस बार तो यह भी अब तक शुरू नहीं हो पाई है।
जिले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के छह पद स्वीकृत हैं। इनमें से एकमात्र पिथौरागढ़ में ही अधिकारी की तैनाती है, जबकि डीडीहाट, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट, धारचूला, मुनस्यारी में पद रिक्त चल रहे हैं। इतना ही नहीं पिथौरागढ़ के खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आरएस कठायत के पास चंपावत का भी चार्ज है।
हर साल त्योहारी सीजन आने पर मिलावटखोरी का धंधा शुरू हो जाता है। मिठाई, तेल, दूध सहित अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ने से मिलावट होने की आशंका रहती है। विभाग में अधिकारियों की कमी के कारण जांच की कार्रवाई महज रस्मअदायगी बनकर रह जाती है।
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80 नमूनों में 12 की रिपोर्ट आई, दो फेल
पिथौरागढ़। जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के लिए कोई लैब नहीं है। यहां से सभी नमूने काशीपुर स्थित प्रयोगशाला भेजे जाते हैं। पिछले वर्ष खाद्य सुरक्षा विभाग ने विभिन्न दुकानों से 80 नमूने लिए। इनमें से आठ दूध, 17 दुग्ध पदार्थ, 6 मसाले, आठ शीतल पेय और 41 अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आरएस कठायत ने बताया कि जांच के लिए भेजे गए 80 नमूनों में से 12 की रिपोर्ट आ गई है। इसमें 10 तो सही पाए गए हैं जबकि मावा और दूध के एक-एक नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। दोनों के खिलाफ अभी निर्णय आना है। वर्ष भर में कुल 16 केस दर्ज हुए। इनमें से 14 मामलों में 8,37500 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
मिलावटी उत्पादों पर अंकुश लगने का दावा
पिथौरागढ़। हर साल त्योहारी सीजन में मावा, मिठाई, मैदा, चीनी, घी, बटर, तेल आदि में मिलावट की पूरी आशंका रहती है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी के अनुसार अब जीएसटी लगने के बाद मिलावटी उत्पाद पर अंकुश लगा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आरएस कठायत का कहना है कि अब खाद्य सुरक्षा के मानकों के अनुरूप सामग्री आ रही है।
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जिले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के छह पद स्वीकृत हैं। इनमें से एकमात्र पिथौरागढ़ में ही अधिकारी की तैनाती है, जबकि डीडीहाट, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट, धारचूला, मुनस्यारी में पद रिक्त चल रहे हैं। इतना ही नहीं पिथौरागढ़ के खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आरएस कठायत के पास चंपावत का भी चार्ज है।
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हर साल त्योहारी सीजन आने पर मिलावटखोरी का धंधा शुरू हो जाता है। मिठाई, तेल, दूध सहित अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ने से मिलावट होने की आशंका रहती है। विभाग में अधिकारियों की कमी के कारण जांच की कार्रवाई महज रस्मअदायगी बनकर रह जाती है।
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80 नमूनों में 12 की रिपोर्ट आई, दो फेल
पिथौरागढ़। जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के लिए कोई लैब नहीं है। यहां से सभी नमूने काशीपुर स्थित प्रयोगशाला भेजे जाते हैं। पिछले वर्ष खाद्य सुरक्षा विभाग ने विभिन्न दुकानों से 80 नमूने लिए। इनमें से आठ दूध, 17 दुग्ध पदार्थ, 6 मसाले, आठ शीतल पेय और 41 अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आरएस कठायत ने बताया कि जांच के लिए भेजे गए 80 नमूनों में से 12 की रिपोर्ट आ गई है। इसमें 10 तो सही पाए गए हैं जबकि मावा और दूध के एक-एक नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। दोनों के खिलाफ अभी निर्णय आना है। वर्ष भर में कुल 16 केस दर्ज हुए। इनमें से 14 मामलों में 8,37500 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
मिलावटी उत्पादों पर अंकुश लगने का दावा
पिथौरागढ़। हर साल त्योहारी सीजन में मावा, मिठाई, मैदा, चीनी, घी, बटर, तेल आदि में मिलावट की पूरी आशंका रहती है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी के अनुसार अब जीएसटी लगने के बाद मिलावटी उत्पाद पर अंकुश लगा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आरएस कठायत का कहना है कि अब खाद्य सुरक्षा के मानकों के अनुरूप सामग्री आ रही है।