{"_id":"5afb15c24f1c1be1408b572a","slug":"161526404546-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"22 सौ ग्रामीणों को नहीं मिली मनरेगा की मजदूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
22 सौ ग्रामीणों को नहीं मिली मनरेगा की मजदूरी
Updated Tue, 15 May 2018 10:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। मुनस्यारी विकास खंड के 22 सौ जॉब कार्डधारकों को साल भर बाद भी मनरेगा की मजदूरी नहीं मिल पाई है। सरकार पर मजदूरों का 30 लाख रुपये का बकाया है। इससे ग्रामीणों के सामने आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है। दूसरी ओर भुगतान न मिलने से गांवों में मनरेगा के तहत होने वाले विकास कार्य भी ठप पड़े हैं। ग्रामीणों ने जल्द भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मंगलवार को विकास खंड की ग्राम पंचायत कोटा, मलौन, समकोट, लोद, सेलमाली, दाखिम, डुंगरी के ग्रामीण मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने डीडीओ गोपाल गिरी को ज्ञापन सौंपा। कहा कि इन ग्राम पंचायतों में अक्तूबर 2016 के बाद मनरेगा के तहत नाली, खड़ंजा, सीसी मार्ग आदि निर्माण कार्य कराए गए थे। इसमें गांवों के 22 सौ लोगों ने काम किया था, लेकिन अब तक उनके खाते में मेहनताना नहीं आया है।
दूसरी ओर ग्राम्य विकास विभाग के ऑनलाइन खाते में जुलाई 2017 में भुगतान दिखाया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि भुगतान न होने से उन्हें आर्थिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। गांवों में विकास कार्य भी रुका है। इस दौरान वीरेंद्र सुयाल, महेश नेगी, हरेंद्र सिंह, त्रिभुवन सिंह आदि थे।
विज्ञापन
खातों की होगी जांच
भुगतान न मिलने की शिकायत के बाद प्रशासन ने जॉब कार्ड धारकों के खातों की जांच का फैसला किया है। इसके तहत विभाग द्वारा किए गए भुगतान का खातों से मिलान किया जाएगा। प्रशासन ने तकनीकी कारणों से भुगतान की राशि डाकघर में फंसने की आशंका भी जताई है। डीडीओे का कहना है कि लेनदेन की जांच के बाद तस्वीर साफ होगी। उन्होंने ग्रामीणों को जल्द भुगतान मिलने का भरोसा दिलाया है।
विज्ञापन
मंगलवार को विकास खंड की ग्राम पंचायत कोटा, मलौन, समकोट, लोद, सेलमाली, दाखिम, डुंगरी के ग्रामीण मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने डीडीओ गोपाल गिरी को ज्ञापन सौंपा। कहा कि इन ग्राम पंचायतों में अक्तूबर 2016 के बाद मनरेगा के तहत नाली, खड़ंजा, सीसी मार्ग आदि निर्माण कार्य कराए गए थे। इसमें गांवों के 22 सौ लोगों ने काम किया था, लेकिन अब तक उनके खाते में मेहनताना नहीं आया है।
विज्ञापन
दूसरी ओर ग्राम्य विकास विभाग के ऑनलाइन खाते में जुलाई 2017 में भुगतान दिखाया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि भुगतान न होने से उन्हें आर्थिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। गांवों में विकास कार्य भी रुका है। इस दौरान वीरेंद्र सुयाल, महेश नेगी, हरेंद्र सिंह, त्रिभुवन सिंह आदि थे।
विज्ञापन
खातों की होगी जांच
भुगतान न मिलने की शिकायत के बाद प्रशासन ने जॉब कार्ड धारकों के खातों की जांच का फैसला किया है। इसके तहत विभाग द्वारा किए गए भुगतान का खातों से मिलान किया जाएगा। प्रशासन ने तकनीकी कारणों से भुगतान की राशि डाकघर में फंसने की आशंका भी जताई है। डीडीओे का कहना है कि लेनदेन की जांच के बाद तस्वीर साफ होगी। उन्होंने ग्रामीणों को जल्द भुगतान मिलने का भरोसा दिलाया है।