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पानी से चल रही आटा चक्की, पैदा हो रही बिजली
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय के नजदीक चैंसर गांव में उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) के घराट उच्चीकरण कार्यक्रम के तहत एक व्यक्ति ने पनचक्की की स्थापना की है। इसी साल अप्रैल से पनचक्की ने काम करना प्रारंभ किया है। पनचक्की से एक घंटे में 60 किलो गेहूं पीसा जा रहा है। दो किलोवाट बिजली भी पैदा हो रही है।
चैंसर निवासी कृष्ण राम कोहली ने जिला मुख्यालय में पुलिस लाइन के समीप रकस नाले में पनचक्की की स्थापना की है। इस स्थान पर पुराने जमाने में घराट हुआ करता था। कोहली बताते हैं कि घराट उच्चीकरण की योजना के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने उरेडा से संपर्क किया। वर्ष 17 में उनके आवेदन को स्वीकृति मिली। गांव के ही नजदीक बहने वाले रकस नाले में पनचक्की की स्थापना की। इसमें 2.10 लाख रुपये की लागत आई।
नवीन और नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार से 1.5 लाख रुपये का अनुदान मिला था। बाकी रकम उन्होंने अपनी ओर से लगाई। लोगों को पनचक्की के आटे की ओर आकर्षित करने के लिए वह मात्र दो रुपया किलो पिसाई लेते हैं। बाजार में आटा पिसाई का रेट 3 से 4 रुपया किलो है। कहते हैं कि उनकी योजना 50 किलोवाट बिजली उत्पादन और आटा मिल स्थापित करने की है। इसके लिए सरकार को प्रस्ताव भेज रहे हैं।
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चैंसर निवासी कृष्ण राम कोहली ने जिला मुख्यालय में पुलिस लाइन के समीप रकस नाले में पनचक्की की स्थापना की है। इस स्थान पर पुराने जमाने में घराट हुआ करता था। कोहली बताते हैं कि घराट उच्चीकरण की योजना के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने उरेडा से संपर्क किया। वर्ष 17 में उनके आवेदन को स्वीकृति मिली। गांव के ही नजदीक बहने वाले रकस नाले में पनचक्की की स्थापना की। इसमें 2.10 लाख रुपये की लागत आई।
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नवीन और नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार से 1.5 लाख रुपये का अनुदान मिला था। बाकी रकम उन्होंने अपनी ओर से लगाई। लोगों को पनचक्की के आटे की ओर आकर्षित करने के लिए वह मात्र दो रुपया किलो पिसाई लेते हैं। बाजार में आटा पिसाई का रेट 3 से 4 रुपया किलो है। कहते हैं कि उनकी योजना 50 किलोवाट बिजली उत्पादन और आटा मिल स्थापित करने की है। इसके लिए सरकार को प्रस्ताव भेज रहे हैं।
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