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ध्रुव जोशी ने तीसरी बार ट्रेल पास पार करने का रिकार्ड बनाया
Updated Thu, 12 Oct 2017 10:47 PM IST
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। अल्मोड़ा निवासी पर्वतारोही ध्रुव जोशी ने तीसरी बार ट्रेल पास पार करने में कामयाबी हासिल की है। ट्रेल पास नंदाकोट और नंदादेवी पर्वतों के बीच में 5312 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। ध्रुव जोशी के साथ पांच सदस्य और थे। यह लोग बृहस्पतिवार को ट्रेल पास फतह करने के बाद मुनस्यारी पहुंचे।
बताया जाता है कि ट्रेल पास को 1830 में पहली बार जार्ज विलियम ट्रेल ने खोजा था। इसीलिए इसे ट्रेल पास से जाना जाता है। बताया गया कि अब तक ट्रेल पास के लिए 90 अभियान दल जा चुके हैं, लेकिन 17 दलों को ही सफलता मिली है। ध्रुव जोशी ने तीन बार ट्रेल पास को पार कर रिकार्ड बनाया है। 32 वर्षीय ध्रुव जोशी कर्नल जेसी जोशी के भतीजे हैं। कर्नल जोशी भी महान पर्वतारोही रहे हैं।
ध्रुव जोशी ने इससे पहले 2013, 2015 को भी ट्रेल पास को पार किया था। ध्रुव जोशी के नेतृत्व में यह टीम 19 सितंबर को रवाना हुई थी और 20 दिन में 10 अक्तूबर को ट्रेल पास में चढ़ने में सफलता हासिल की। दल ने बागेश्वर, लोहारखेत, खाती, द्वाली, पिंडारी होते हुए ट्रेल पास तक का सफर किया और वापसी में मर्तोली, रिलकोट, लीलम होते हुए मुनस्यारी पहुंचे।
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बताया जाता है कि ट्रेल पास को 1830 में पहली बार जार्ज विलियम ट्रेल ने खोजा था। इसीलिए इसे ट्रेल पास से जाना जाता है। बताया गया कि अब तक ट्रेल पास के लिए 90 अभियान दल जा चुके हैं, लेकिन 17 दलों को ही सफलता मिली है। ध्रुव जोशी ने तीन बार ट्रेल पास को पार कर रिकार्ड बनाया है। 32 वर्षीय ध्रुव जोशी कर्नल जेसी जोशी के भतीजे हैं। कर्नल जोशी भी महान पर्वतारोही रहे हैं।
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ध्रुव जोशी ने इससे पहले 2013, 2015 को भी ट्रेल पास को पार किया था। ध्रुव जोशी के नेतृत्व में यह टीम 19 सितंबर को रवाना हुई थी और 20 दिन में 10 अक्तूबर को ट्रेल पास में चढ़ने में सफलता हासिल की। दल ने बागेश्वर, लोहारखेत, खाती, द्वाली, पिंडारी होते हुए ट्रेल पास तक का सफर किया और वापसी में मर्तोली, रिलकोट, लीलम होते हुए मुनस्यारी पहुंचे।
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