फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   छात्र-छात्राओं को बताया पुरातात्विक धरोहरों का महत्व

छात्र-छात्राओं को बताया पुरातात्विक धरोहरों का महत्व

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 12 Mar 2019 11:08 PM IST
विज्ञापन
छात्र-छात्राओं को बताया पुरातात्विक धरोहरों का महत्व

विज्ञापन
पिथौरागढ़। संस्कृति विभाग उत्तराखंड के तहत क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग अल्मोड़ा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को पुरातात्विक धरोहरों का महत्व बताया गया। इस अवसर पर कुमाऊं की प्राचीन धरोहर मंदिर, मूर्ति, धारे, नौले, किले, अभिलेख आदि को सांस्कृतिक धरोहर के रूप में संरक्षण एवं संवर्द्धन को लेकर स्लाइड शो के माध्यम से जानकारी दी गई। कार्यशाला का उद्घाटन क्षेत्रीय पुरातत्व प्रभारी डा.चंद्र सिंह चौहान और महाविद्यालय के प्राचार्य डा.डीएस पांगती ने किया।

डा.चौहान ने कहा कि बिखरी धरोहरों को सहेजकर उन्हें संरक्षित करने की जरूरत है। एसएसजे परिसर अल्मोड़ा से आए प्रो.बीडीएस नेगी ने बतौर मुख्य वक्ता स्लाइड शो के माध्यम से सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने के साथ ही ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व की जानकारी दी। प्राचार्य डॉ.पांगती ने इतिहास के महत्व और उपयोगिता से अवगत कराया। इतिहास के विभाग प्रभारी डा.बीएम पांडेय ने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने को लेकर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में डा.प्रेमलता पंत, डा.सरोज वर्मा, डा.हेम चंद्र पांडेय, डा.मुन्नी पाठक, डा.आरडी जोशी, डा.पीएस बिष्ट, डा.जीसी पंत आदि मौजूद थे। छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शनी में रखी गई प्राचीन मंदिरों की तस्वीरों और शिलालेखों का अवलोकन भी किया।
विज्ञापन


.........
भक्त दर्शन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed