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14 घंटे बंद रहा पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच
ब्यूरो/अमर उजाला, अस्कोट/मुनस्यारी
Updated Tue, 26 Jul 2016 10:24 PM IST
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बंदरलीमा के पास फंसे वाहन
- फोटो : अमर उजाला
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सोमवार रात इलाके में हुई बारिश से पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच पर बंदरलीमा, पिनौड़ीगाड़ और बगड़ीहाट के पास मलबा पट गया। इस कारण इस रोड पर रात दस बजे से मंगलवार दोपहर 12 बजे तक पूरे 14 घंटे तक आवाजाही ठप रही। बारिश का क्रम अभी जारी है। इस कारण रोड बंद होने का खतरा बना है।
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मार्ग बंद होने से डीडीहाट, धारचूला, जौलजीबी, अस्कोट, भागीचौरा, मदकोट से पिथौरागढ़ जाने वाले एवं पिथौरागढ़ से इन स्थानों को जाने वाले वाहन और यात्री जगह-जगह फंसे रह गए। सीमा सड़क संगठन ने मंगलवार सुबह छह बजे से मलबा हटाने का काम शुरू किया। तीन स्थानों से मलबा हटाने में उसे छह घंटे लग गए। वहीं, रोज सड़क बंद होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है। नौकरीपेशा एवं अन्य जरूरी काम से जिला मुख्यालय जाने वालों को भी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।
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उधर, थल-मुनस्यारी मार्ग पर रातीगाड़ के पास मंगलवार तड़के करीब तीन बजे मलबा पट गया। लोनिवि ने मलबा हटाकर आठ बजे यातायात सामान्य कर दिया था। थल-मुनस्यारी रोड पर हरड़िया से नाचनी की तरफ 500 मीटर के दायरे में जमीन लगातार दरक रही है। इस स्थान पर नया डेंजर जोन विकसित होने लगा है। लोनिवि के ईई पीसी जोशी ने बताया कि डेंजर जोन के ट्रीटमेंट के उपाय किए जा रहे हैं। भूकटाव वाले स्थान पर सुरक्षा दीवार लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मलबा हटाने के लिए संवेदनशील स्थानों पर लगातार जेसीबी रखी गई है। उन्होंने वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है।
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कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग भी बंद
धारचूला (पिथौरागढ़)। तवाघाट-नारायणआश्रम और तवाघाट-मांगती मार्ग बंद हो गए हैं। यह दोनों मार्ग कैलास मानसरोवर यात्रियों के लिए हैं। कैलास मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग भी कई स्थानों पर बह गया है। बूंदी और सिर्खा के बीच बरसाती नाले उफान पर हैं। यात्रियों की मदद के लिए इन स्थानों पर आईटीबीपी, एसडीआरएफ और एसएसबी के जवान तैनात किए गए हैं, यदि जल्दी रास्ते ठीक नहीं हुए तो कैलास मानसरोवर की यात्रा पर आने और जाने वाले दलों को परेशानी हो सकती है।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-20.0 एमएम
गंगोलीहाट-22.0 एमएम
बेड़ीनाग-36.0 एमएम
मुनस्यारी-15.0 एमएम
धारचूला-66.0 एमएम