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सभी बच्चों को छात्रवृति दो तब मध्यान्ह भोजन लेंगे
Updated Tue, 06 Feb 2018 10:57 PM IST
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पिथौरागढ़। चार साल से आर्थिक आधार पर आरक्षण की लड़ाई लड़ रहे रौबिन किसान क्लब सिरकुच के अध्यक्ष अनिल चंद ने प्रशासन के सामने यह शर्त रख दी है कि जब तक सभी वर्गों के गरीब बच्चों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं दिया जाता तब तक उनकी तीनों बेटियां स्कूल में मध्यान्ह भोजन ग्रहण नहीं करेंगी। अनिल चंद अपनी बेटियों के लिए रोज टिफिन तैयार कर स्कूल को भेजते हैं।
अनिल की बड़ी बेटी डिंपल चंद जीआईसी मायालेख में कक्षा सात में, दूसरी बेटी महिमा चंद कक्षा पांच में और सबसे छोटी बेटी नव्या चंद कक्षा दो में पढ़ती हैं। अनिल ने डीएम को लिखे पत्र में कहा है कि जब मध्यान्ह भोजन परोसते समय विद्यालय में कोई भेदभाव नहीं किया जाता तो छात्रवृत्ति वितरण के समय सामान्य वर्ग के गरीब विद्यार्थियों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। वह कहते हैं कि सामान्य वर्ग के गरीब परिवार के बच्चों को भी अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ी जाति के बच्चों की तरह की छात्रवृत्ति का लाभ मिलना चाहिए।
वह सवाल करते हैं कि शिक्षा विभाग में कार्यरत अधिकारी, शिक्षक अपने बच्चों को क्यों सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ाते। क्या यह स्कूल गरीब बच्चों के लिए सिर्फ मध्यान्ह भोजन का ही माध्यम हैं। अनिल चंद ने यह पत्र डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भी भेजा है।
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अनिल की बड़ी बेटी डिंपल चंद जीआईसी मायालेख में कक्षा सात में, दूसरी बेटी महिमा चंद कक्षा पांच में और सबसे छोटी बेटी नव्या चंद कक्षा दो में पढ़ती हैं। अनिल ने डीएम को लिखे पत्र में कहा है कि जब मध्यान्ह भोजन परोसते समय विद्यालय में कोई भेदभाव नहीं किया जाता तो छात्रवृत्ति वितरण के समय सामान्य वर्ग के गरीब विद्यार्थियों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। वह कहते हैं कि सामान्य वर्ग के गरीब परिवार के बच्चों को भी अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ी जाति के बच्चों की तरह की छात्रवृत्ति का लाभ मिलना चाहिए।
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वह सवाल करते हैं कि शिक्षा विभाग में कार्यरत अधिकारी, शिक्षक अपने बच्चों को क्यों सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ाते। क्या यह स्कूल गरीब बच्चों के लिए सिर्फ मध्यान्ह भोजन का ही माध्यम हैं। अनिल चंद ने यह पत्र डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भी भेजा है।
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