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कृषि सह बाजार भवन का नहीं मिल रहा कोई लाभ
Updated Sat, 27 Jan 2018 10:51 PM IST
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कनालीछीना (पिथौरागढ़)। विशूनाखान में बनाए गए कृषि सह बाजार भवन का तीन साल बाद भी किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इस भवन को बनाने के पीछे यह उद्देश्य था कि किसानों की उपज को बाजार उपलब्ध हो सके।
वर्ष 2014 में विशूनाखान में 40 लाख रुपये की लागत से कृषि सह बाजार भवन बनाया गया। इस भवन का उपयोग किसानों और स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद बेचने के लिए किया जाना था। किसानों को इसी भवन से उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए जाने थे, लेकिन तीन साल से अधिक समय बीतने के बाद भी कृषि सह बाजार भवन की शुरुआत नहीं हो पाई है।
कई बार किसानों, स्वयं सहायता समूहों के लोगों ने भवन का शुभारंभ करने की मांग की, लेकिन विकास विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ग्राम प्रधान पार्वती देवी, सामाजिक कार्यकर्ता प्रयाग दत्त पांडे ने डीएम को पत्र लिखकर भवन का शुभारंभ कराने की मांग की है। वहीं, कनालीछीना के खंड विकास अधिकारी गंगा सिंह बिष्ट का कहना है कि फरवरी से कृषि और ग्राम विकास विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों को भवन में बैठने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। किसानों की उपज को बाजार उपलब्ध होगा। भवन से ही बीज आदि का वितरण होगा।
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वर्ष 2014 में विशूनाखान में 40 लाख रुपये की लागत से कृषि सह बाजार भवन बनाया गया। इस भवन का उपयोग किसानों और स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद बेचने के लिए किया जाना था। किसानों को इसी भवन से उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए जाने थे, लेकिन तीन साल से अधिक समय बीतने के बाद भी कृषि सह बाजार भवन की शुरुआत नहीं हो पाई है।
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कई बार किसानों, स्वयं सहायता समूहों के लोगों ने भवन का शुभारंभ करने की मांग की, लेकिन विकास विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ग्राम प्रधान पार्वती देवी, सामाजिक कार्यकर्ता प्रयाग दत्त पांडे ने डीएम को पत्र लिखकर भवन का शुभारंभ कराने की मांग की है। वहीं, कनालीछीना के खंड विकास अधिकारी गंगा सिंह बिष्ट का कहना है कि फरवरी से कृषि और ग्राम विकास विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों को भवन में बैठने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। किसानों की उपज को बाजार उपलब्ध होगा। भवन से ही बीज आदि का वितरण होगा।
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