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12 किमी स्ट्रेचर पर रखकर लाए बीमार महिला को
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी
Updated Wed, 26 Oct 2016 10:11 PM IST
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मुनस्यारी के पातो गांव से बीमार महिला को लेकर आते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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मल्ला जोहार के दूरस्थ पातो गांव के लोगों की मुसीबतें कम होने वाली नहीं है। एक सप्ताह से बीमार पड़ी 60 वर्षीय महिला को गांव के लोग 12 किलोमीटर तक पैदल स्ट्रेचर पर रखकर लाए और चिलमधार तक पैदल लाने के बाद उसे 108 आपात वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भर्ती किया गया। गांव में चिकित्सा की कोई सुविधा नहीं है। सड़क का सपना कब पूरा होगा कहा नहीं जा सकता। इससे पहले पातो गांव की दो महिलाओं की समय पर इलाज न मिलने के कारण मौत हो गई थी।
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पातो गांव के जीत सिंह ढकरियाल की 60 वर्षीय पत्नी ढीला देवी एक हफ्ते से बीमार थी। गांव के लोग बीमार महिला को हेलीकॉप्टर से अस्पताल ले जाने की मांग करते रहे, लेकिन किसी भी स्तर पर सुनवाई नहीं हुई। जब महिला की तबियत ज्यादा बिगड़ने लगी तो लोग उसे स्ट्रेचर पर रखकर पहले 12 किमी दूर चिलमधार तक लाए। वहां से उसे 108 वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया। युवा सामाजिक कार्यकर्ता हरीश दरियाल का कहना है कि पता नहीं कब तक लोगों को इस तरह के संकट झेलने पड़ेंगे। सरकार ने गांव तक सड़क बनाने की घोषणा तो की थी, लेकिन अब तक कोई काम नहीं हुआ है।
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गांव में एएनएम सेंटर तक नहीं है। उन्होंने कहा कि 4 मई 2014 को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने खुद पातो गांव आकर गांव के लोगों की समस्या हल करने का भरोसा दिलाया था, लेकिन एक भी समस्या हल नहीं हुई। पिछले दिनों गांव के लोगों ने इसी समस्या को लेकर प्रदर्शन भी किया था।
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