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पिथौरागढ़ को पर्याप्त पानी मिलने में अभी समय लगेगा
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पिथौरागढ़। 65 हजार की आबादी वाले पिथौरागढ़ शहर के लोगों को पर्याप्त पानी मिलने में अभी समय लगेगा। शहर को रोज 12 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। चार पेयजल योजनाओं से 9.5 एमएलडी ही पानी मिल पा रहा है। उसमें भी 2 एमएलडी पानी की आपूर्ति करने वाली घाट पंपिंग योजना की जलापूर्ति में बारहमासी सड़क कटिंग के कारण आए दिन व्यवधान आ रहा है। मानक के अनुसार एक व्यक्ति को प्रतिदिन 135 लीटर पानी मिलना चाहिए, जो नहीं मिल रहा है। नतीजतन लोग जलधारों, हैंडपंपों से पानी की आपूर्ति कर रहे हैं।
आबादी के लिहाज से फैलते जा रहे पिथौरागढ़ शहर में पानी की समस्या हमेशा विकराल रही है। इस समस्या के समाधान के लिए 12 एमएलडी की आंवलाघाट पेयजल योजना बनाई गई। अप्रैल 2018 में जनता को समर्पित इस योजना से शुरुआत में 6 एमएलडी पानी मिलना था, लेकिन वर्तमान में यह योजना मात्र 4.5 एमएलडी पानी ही दे पा रही है।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि घाट योजना से 2 एमएलडी पानी मिल रहा है। ठूलीगाड़ से 2.5 एमएलडी, रई योजना से .5 एमएलडी पानी मिल रहा है। ईई ने बताया कि घाट योजना में अक्सर व्यवधान आ रहा है। इन आंकड़ों को देखें तो 2.5 एमएलडी पानी की आवश्यकता शहर के लोगों को अब भी है।
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कई योजनाएं बनीं, लेकिन सरस्वती विहार के लोगों को नहीं मिले कनेक्शन
पिथौरागढ़। शहर के लिए कई पेयजल योजनाएं बनीं, लेकिन शहर के सरस्वती विहार कॉलोनी के लोगों को 15 वर्ष बाद भी जल संयोजन नहीं मिले हैं। इस इलाके के लोग महादेव जलधारे और हैंडपंपों से पानी की आपूर्ति करते हैं। इलाके के लोग बताते हैं कि 15 वर्ष से पानी के संयोजन देने की गुहार जल संस्थान और सरकार से लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। नगर में ऐसे कई इलाके हैं, जहां लोगों को पानी नहीं मिल पाता। लोग महादेव धारा, हुड़कना धारा, ऐंचोली के शिव धारा से जलापूर्ति करते हैं।
कई नौलों का पानी हो गया दूषित
पिथौरागढ़। नगर के पुराना बाजार, चिमस्या नौला भी लोगों की प्यास बुझाते थे। पांच साल पहले दोनों नौलों के पानी को जांच के बाद दूषित घोषित कर दिया गया। सीवरेज सिस्टम मजबूत न होने के कारण नौले-धारे का पानी दूषित होता जा रहा है। धीरे-धीरे और जल धारे भी इस संकट से घिरेंगे।
आंवलाघाट योजना में पानी की क्षमता धीरे-धीरे बढ़ रही है। निकट भविष्य में बनने वाली थरकोट झील से शहर को पानी की सप्लाई की जाएगी। पानी संकट का पूरी तरह समाधान करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। -प्रकाश पंत पेयजल मंत्री
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आबादी के लिहाज से फैलते जा रहे पिथौरागढ़ शहर में पानी की समस्या हमेशा विकराल रही है। इस समस्या के समाधान के लिए 12 एमएलडी की आंवलाघाट पेयजल योजना बनाई गई। अप्रैल 2018 में जनता को समर्पित इस योजना से शुरुआत में 6 एमएलडी पानी मिलना था, लेकिन वर्तमान में यह योजना मात्र 4.5 एमएलडी पानी ही दे पा रही है।
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जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि घाट योजना से 2 एमएलडी पानी मिल रहा है। ठूलीगाड़ से 2.5 एमएलडी, रई योजना से .5 एमएलडी पानी मिल रहा है। ईई ने बताया कि घाट योजना में अक्सर व्यवधान आ रहा है। इन आंकड़ों को देखें तो 2.5 एमएलडी पानी की आवश्यकता शहर के लोगों को अब भी है।
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कई योजनाएं बनीं, लेकिन सरस्वती विहार के लोगों को नहीं मिले कनेक्शन
पिथौरागढ़। शहर के लिए कई पेयजल योजनाएं बनीं, लेकिन शहर के सरस्वती विहार कॉलोनी के लोगों को 15 वर्ष बाद भी जल संयोजन नहीं मिले हैं। इस इलाके के लोग महादेव जलधारे और हैंडपंपों से पानी की आपूर्ति करते हैं। इलाके के लोग बताते हैं कि 15 वर्ष से पानी के संयोजन देने की गुहार जल संस्थान और सरकार से लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। नगर में ऐसे कई इलाके हैं, जहां लोगों को पानी नहीं मिल पाता। लोग महादेव धारा, हुड़कना धारा, ऐंचोली के शिव धारा से जलापूर्ति करते हैं।
कई नौलों का पानी हो गया दूषित
पिथौरागढ़। नगर के पुराना बाजार, चिमस्या नौला भी लोगों की प्यास बुझाते थे। पांच साल पहले दोनों नौलों के पानी को जांच के बाद दूषित घोषित कर दिया गया। सीवरेज सिस्टम मजबूत न होने के कारण नौले-धारे का पानी दूषित होता जा रहा है। धीरे-धीरे और जल धारे भी इस संकट से घिरेंगे।
आंवलाघाट योजना में पानी की क्षमता धीरे-धीरे बढ़ रही है। निकट भविष्य में बनने वाली थरकोट झील से शहर को पानी की सप्लाई की जाएगी। पानी संकट का पूरी तरह समाधान करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। -प्रकाश पंत पेयजल मंत्री