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किसी ने नहीं सुनीं तो खुद बनाई पेयजल योजना
Updated Fri, 05 Oct 2018 11:28 PM IST
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। धारचूला के दूरस्थ गांव जारा के प्राथमिक और उच्चतर प्राथमिक विद्यालय के बच्चे जुलाई से पेयजल संकट से परेशान थे।
ग्रामीणों के साथ ही शिक्षक भी कई बार प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से पेयजल लाइन बिछाने की गुहार लगा चुके थे। बावजूद इसके कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए। आखिर परेशान होकर ग्रामीणों ने श्रमदान से पेयजल योजना को दुरुस्त कर स्कूल में पानी पहुंचा दिया।
दो जुलाई की आपदा के बाद से दोनों विद्यालयों में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। प्राथमिक के 54 और उच्चतर प्राथमिक विद्यालय के 46 बच्चे करीब डेढ़ किमी दूर स्थित नौले से पानी ला रहे थे। इसी पानी से मिड-डे-मील बनाया जा रहा था।
एसएमसी अध्यक्ष प्रह्लाद सिंह, हीरा सिंह, प्रधानाचार्य रमेश चंद्र जोशी ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर पेयजल समस्या पर चर्चा की। निर्णय लिया कि श्रमदान से ग्रामीण क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक कर विद्यालय तक पानी की आपूर्ति सुचारु करेंगे। ग्रामीणों ने पेयजल की अस्थायी व्यवस्था तो कर ली है। अब पेयजल महकमे से पानी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग उठाई है।
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ग्रामीणों के साथ ही शिक्षक भी कई बार प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से पेयजल लाइन बिछाने की गुहार लगा चुके थे। बावजूद इसके कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए। आखिर परेशान होकर ग्रामीणों ने श्रमदान से पेयजल योजना को दुरुस्त कर स्कूल में पानी पहुंचा दिया।
दो जुलाई की आपदा के बाद से दोनों विद्यालयों में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। प्राथमिक के 54 और उच्चतर प्राथमिक विद्यालय के 46 बच्चे करीब डेढ़ किमी दूर स्थित नौले से पानी ला रहे थे। इसी पानी से मिड-डे-मील बनाया जा रहा था।
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एसएमसी अध्यक्ष प्रह्लाद सिंह, हीरा सिंह, प्रधानाचार्य रमेश चंद्र जोशी ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर पेयजल समस्या पर चर्चा की। निर्णय लिया कि श्रमदान से ग्रामीण क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक कर विद्यालय तक पानी की आपूर्ति सुचारु करेंगे। ग्रामीणों ने पेयजल की अस्थायी व्यवस्था तो कर ली है। अब पेयजल महकमे से पानी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग उठाई है।
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