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बारिश से नामिक में भी भारी तबाही
Updated Mon, 09 Jul 2018 11:12 PM IST
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नाचनी (पिथौरागढ़)। दो जुलाई की बारिश से उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित नामिक में भी तबाही मची है। नामिक की बिजली परियोजना की नहर टूटने से गांव की बिजली व्यवस्था भंग हो गई है। नामिक के लोग आठ दिन से बगैर बिजली के रात काट रहे हैं। नामिक को जोड़ने वाले दोनों रास्ते क्षतिग्रस्त होने से गांव के 122 परिवार भारी मुसीबत में हैं।
दो जुलाई की अतिवृष्टि से नामिक की 50 किलोवाट की बिजली परियोजना की चार मीटर नहर बह गई है। नहर बहने से नामिक की बिजली परियोजना में उत्पादन ठप हो गया है। गांव के लोग बगैर बिजली के रात काट रहे हैं। बिजली परियोजना उरेडा ने बनाई है। रखरखाव का जिम्मा भी उसी के पास है।
परियोजना की देखरेख ग्रामीणों की समिति करती है। बागेश्वर जिले के गोगिना से नामिक को जोड़ने वाला पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। गोगिना के पास करीब 10 मीटर रास्ता क्षतिग्रस्त है। लोग क्षतिग्रस्त रास्ते से ही आवागमन करने पर मजबूर हैं। पिथौरागढ़ जिले बिर्थी से नामिक को जोड़ने वाला रास्ता धारापानी रौली के पास बह गया है। गांव के पुतला तोक में भूस्खलन से रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। तोक के करीब 15 बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
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ग्राम प्रधान तुलसी जेम्याल ने बिजली परियोजना के साथ ही रास्तों की मरम्मत करने की मांग की है। कहा है कि रास्तों की मरम्मत नहीं हुई तो गांव के लोग भारी दिक्कत में आ जाएंगे।
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दो जुलाई की अतिवृष्टि से नामिक की 50 किलोवाट की बिजली परियोजना की चार मीटर नहर बह गई है। नहर बहने से नामिक की बिजली परियोजना में उत्पादन ठप हो गया है। गांव के लोग बगैर बिजली के रात काट रहे हैं। बिजली परियोजना उरेडा ने बनाई है। रखरखाव का जिम्मा भी उसी के पास है।
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परियोजना की देखरेख ग्रामीणों की समिति करती है। बागेश्वर जिले के गोगिना से नामिक को जोड़ने वाला पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। गोगिना के पास करीब 10 मीटर रास्ता क्षतिग्रस्त है। लोग क्षतिग्रस्त रास्ते से ही आवागमन करने पर मजबूर हैं। पिथौरागढ़ जिले बिर्थी से नामिक को जोड़ने वाला रास्ता धारापानी रौली के पास बह गया है। गांव के पुतला तोक में भूस्खलन से रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। तोक के करीब 15 बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
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ग्राम प्रधान तुलसी जेम्याल ने बिजली परियोजना के साथ ही रास्तों की मरम्मत करने की मांग की है। कहा है कि रास्तों की मरम्मत नहीं हुई तो गांव के लोग भारी दिक्कत में आ जाएंगे।