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दूध लेकर आ रहा वाहन वापस लौटाया
Updated Wed, 11 Oct 2017 10:48 PM IST
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पिथौरागढ़। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गुणवत्ता में संदेह होने पर कासगंज (यूपी) से पिथौरागढ़ को दूध और दही लेकर आ रहे वाहन को लौटा दिया। वाहन में 400 लीटर दूध और 50 किलो दही था। इसके अलावा टीम ने इस वाहन के दूध के दो नमूने और दही का एक नमूना जांच के लिए भेज दिया है। गुरना के आसपास के गांवों से दूध एकत्र कर ला रहे वाहन से भी एक नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आरएस कठायत के नेतृत्व में बुधवार को ऐंचोली से लेकर घाट तक वाहनों की चेकिंग की गई। डॉ. कठायत ने बताया कि कासगंज की स्टेलिंग इंडिया लि. का वाहन इस जिले में दूध और दही लेकर आता है, लेकिन वाहन में दूध, दही को सुरक्षित रखने की कोई व्यवस्था नहीं मिली। दूध, दही को रखने के लिए वाहन में फ्रिज भी नहीं था। इसे जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ मानते हुए सारी सामग्री समेत दूध को वापस कर दिया। इसके अलावा गुरना के गांवों से एकत्र कर लाए जा रहे दूध की जब दुग्धमापी यंत्र से जांच की गई तो उसमें पानी की मिलावट पाई गई।
इस दूध का नमूना जांच के लिए भेज दिया है। टीम ने बुधवार को रोडवेज की 24 बसों के अलावा 50 अन्य वाहनों की चेकिंग की। रोडवेज के चालक-परिचालकों से कहा गया कि यदि मैदानी शहरों से अपनी बसों में खोया या अन्य पदार्थ लाएं तो इस पदार्थ का पक्का बिल जरूर प्राप्त कर लें। सामग्री के साथ एक व्यक्ति का होना जरूरी है। यदि लावारिस हालत में कोई सामग्री मिली तो चालक, परिचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विपिन कुमार और कृष्ण कुमार भी शामिल थे।
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जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आरएस कठायत के नेतृत्व में बुधवार को ऐंचोली से लेकर घाट तक वाहनों की चेकिंग की गई। डॉ. कठायत ने बताया कि कासगंज की स्टेलिंग इंडिया लि. का वाहन इस जिले में दूध और दही लेकर आता है, लेकिन वाहन में दूध, दही को सुरक्षित रखने की कोई व्यवस्था नहीं मिली। दूध, दही को रखने के लिए वाहन में फ्रिज भी नहीं था। इसे जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ मानते हुए सारी सामग्री समेत दूध को वापस कर दिया। इसके अलावा गुरना के गांवों से एकत्र कर लाए जा रहे दूध की जब दुग्धमापी यंत्र से जांच की गई तो उसमें पानी की मिलावट पाई गई।
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इस दूध का नमूना जांच के लिए भेज दिया है। टीम ने बुधवार को रोडवेज की 24 बसों के अलावा 50 अन्य वाहनों की चेकिंग की। रोडवेज के चालक-परिचालकों से कहा गया कि यदि मैदानी शहरों से अपनी बसों में खोया या अन्य पदार्थ लाएं तो इस पदार्थ का पक्का बिल जरूर प्राप्त कर लें। सामग्री के साथ एक व्यक्ति का होना जरूरी है। यदि लावारिस हालत में कोई सामग्री मिली तो चालक, परिचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विपिन कुमार और कृष्ण कुमार भी शामिल थे।
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