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लगातार हो रही बारिश के बाद भी पिथौरागढ़ में पेयजल संकट
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पिथौरागढ़। पिछले साल 74 करोड़ रुपये की लागत की आंवलाघाट योजना बनने के बाद भी पिथौरागढ़ शहर पानी के संकट से जूझ रहा है। सोमवार को शहर के कई हिस्सों में पानी वितरित नहीं हुआ है। करीब 30 हजार आबादी पेयजल से वंचित रहीं। पेयजल संकट को लेकर लोगों में रोष है। लगातार बारिश होने के बाद भी शहर से सटे सुकौली, गणकोट में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है।
सोमवार को शहर के सिनेमा लाइन, टकाना, लिंकरोड, जीआईसी रोड, पुरानी बाजार समेत तमाम इलाकों में पानी नहीं बंटा। सुकोली और गणकोट में भी पानी की किल्लत रही। लोग दिनभर पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करने में लगे रहे। लोग प्राकृतिक जल स्रोतों से पीने के लिए पानी लाए। सीमांत यूथ मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील खत्री ने पेयजल संकट पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि शहर को पेयजल संकट से मुक्त कराने के लिए भारी भरकम धनराशि खर्च की गई। उसके बाद भी शहर में जल संकट होना संबंधित विभाग और सरकार की नाकामी को दर्शाता है।
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सोमवार को शहर के सिनेमा लाइन, टकाना, लिंकरोड, जीआईसी रोड, पुरानी बाजार समेत तमाम इलाकों में पानी नहीं बंटा। सुकोली और गणकोट में भी पानी की किल्लत रही। लोग दिनभर पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करने में लगे रहे। लोग प्राकृतिक जल स्रोतों से पीने के लिए पानी लाए। सीमांत यूथ मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील खत्री ने पेयजल संकट पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि शहर को पेयजल संकट से मुक्त कराने के लिए भारी भरकम धनराशि खर्च की गई। उसके बाद भी शहर में जल संकट होना संबंधित विभाग और सरकार की नाकामी को दर्शाता है।
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