{"_id":"5c192db6bdec2256aa76e228","slug":"101545153974-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार के खिलाफ गरजे डाक सेवक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार के खिलाफ गरजे डाक सेवक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ की दस सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई है। हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्र के 137 पोस्टआफिसों में ताले लटक गए हैं।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संघ से जुड़े ग्रामीण डाक सेवक मंगलवार को प्रधान डाकघर के परिसर में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
इस दौरान संघ के सचिव चरन सिंह बिष्ट, भाष्कर सिंह धामी, छाया कापड़ी, दमयंती भट्ट, जगदीश सिंह चौहान, ज्योतेंद्र खड़ायत, नारायण चंद, दुर्गा सिंह बिष्ट आदि थे।
विज्ञापन
ये हैं मांगें-----------
जीडीएस कमेटी रिपोर्ट को एक जनवरी 2016 से लागू करने।
सेवानिवृत्ति के लाभ 1 जनवरी 2016 से लागू करने।
बकाया राशि की गणना का फार्मूला बदलने।
ग्रेच्यूटी की ऊपरी सीमा डेढ़ लाख से बढ़ाकर पांच लाख करने।
ईएसआई और ईपीएफ योजना लागू करने।
12, 24 और 36 वर्ष के सेवाकाल में अतिरिक्त वार्षिक वेतनवृद्धि देने।
सीमित स्थानांतरण सुविधा में छूट देने।
साल में 30 दिन का सवेतन अवकाश देने।
एकल कर्मचारी डाकघरों को दो कर्मचारी के कार्यालय में अपग्रेड करने।
डाक सेवकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने।
विज्ञापन
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संघ से जुड़े ग्रामीण डाक सेवक मंगलवार को प्रधान डाकघर के परिसर में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
विज्ञापन
इस दौरान संघ के सचिव चरन सिंह बिष्ट, भाष्कर सिंह धामी, छाया कापड़ी, दमयंती भट्ट, जगदीश सिंह चौहान, ज्योतेंद्र खड़ायत, नारायण चंद, दुर्गा सिंह बिष्ट आदि थे।
विज्ञापन
ये हैं मांगें-----------
जीडीएस कमेटी रिपोर्ट को एक जनवरी 2016 से लागू करने।
सेवानिवृत्ति के लाभ 1 जनवरी 2016 से लागू करने।
बकाया राशि की गणना का फार्मूला बदलने।
ग्रेच्यूटी की ऊपरी सीमा डेढ़ लाख से बढ़ाकर पांच लाख करने।
ईएसआई और ईपीएफ योजना लागू करने।
12, 24 और 36 वर्ष के सेवाकाल में अतिरिक्त वार्षिक वेतनवृद्धि देने।
सीमित स्थानांतरण सुविधा में छूट देने।
साल में 30 दिन का सवेतन अवकाश देने।
एकल कर्मचारी डाकघरों को दो कर्मचारी के कार्यालय में अपग्रेड करने।
डाक सेवकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने।