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पहाड़ के किसान भी अपनाने लगे कृषि की आधुनिक तकनीक
Updated Sat, 10 Nov 2018 10:38 PM IST
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गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। जनपद के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसान खेती के लिए कृषि की आधुनिक तकनीक अपनाने लगे हैं। खेतों में बैलों के स्थान पर ट्रैक्टर चल रहे हैं। गणाईगंगोली क्षेत्र के गांवों में भी किसान मिनी ट्रैक्टर से जुताई कर रहे हैं।
गणाईगंगोली के सेरा बडौली गांव में मिनी ट्रैक्टर से खेतों में बुवाई की जा रही है। मिनी ट्रैक्टर लाने वाले ग्राम प्रधान मोहन जोशी ने बताया कि इससे खेतों में बुवाई आसान है। मिनी ट्रैक्टर से जुताई में साधारण हल की तरह मिट्टी के ढेले नहीं निकलते हैं।
इससे शारीरिक श्रम कम होने के साथ ही फसलों के उत्पादन पर भी असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि पहाड़ पर सिमट रही जोत को बचाने के लिए वैज्ञानिक तकनीक अपनाने की जरूरत है। क्षेत्र के अन्य गांवों में भी कई प्रगतिशील किसान परंपरागत कृषि के स्थान पर आधुनिक खेती की तकनीक अपनाने लगे हैं।
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गणाईगंगोली के सेरा बडौली गांव में मिनी ट्रैक्टर से खेतों में बुवाई की जा रही है। मिनी ट्रैक्टर लाने वाले ग्राम प्रधान मोहन जोशी ने बताया कि इससे खेतों में बुवाई आसान है। मिनी ट्रैक्टर से जुताई में साधारण हल की तरह मिट्टी के ढेले नहीं निकलते हैं।
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इससे शारीरिक श्रम कम होने के साथ ही फसलों के उत्पादन पर भी असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि पहाड़ पर सिमट रही जोत को बचाने के लिए वैज्ञानिक तकनीक अपनाने की जरूरत है। क्षेत्र के अन्य गांवों में भी कई प्रगतिशील किसान परंपरागत कृषि के स्थान पर आधुनिक खेती की तकनीक अपनाने लगे हैं।
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