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खुद बाढ़ सुरक्षा के प्रबंध में जुटे ग्रामीण
Updated Fri, 18 May 2018 11:25 PM IST
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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। प्रशासन की उदासीनता के बीच जुलगांव के लोग खुद बाढ़ सुरक्षा के प्रबंध में जुट गए हैं। आसमानी आफत से बचाव के लिए गांव में सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है। ग्रामीण आपसी सहयोग और श्रमदान के जरिये सुरक्षा दीवार का निर्माण कर रहे हैं।
शुक्रवार को मौसम साफ होने के बाद जुलगांव के ग्रामीणों ने सुरक्षा दीवार बनानी शुरू कर दी है। इसके तहत बरसाती नाले पर चार फुट ऊंची और 20 फुट लंबी कंक्रीट की दीवार बनाई जा रही है। निर्माण के लिए ग्रामीणों ने मजदूूरों की मदद से आसपास से पत्थर आदि सामग्री जमा की है। ग्रामीणों के आपसी सहयोग और श्रमदान से दीवार का निर्माण किया जा रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य विक्रम महर ने बताया कि अब तक प्रशासन और विभाग ने गांव को बाढ़ से बचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।
गांव में बरसाती नाला बारिश के बीच खतरे का सबब बना है। आसमानी आफत से निपटने के लिए सुरक्षा दीवार की योजना बनाई है। ग्रामीण खुद के संसाधनों और श्रमदान से दीवार बनाने में जुटे हैं। बता दें कि दो दिन पहले मूसलाधार बारिश के बाद गांव से गुजर रहा बरसाती नाला उफान पर आ गया था। बारिश के साथ नाले का पानी और मलबा दर्जनों मकानों और दुकान में घुस गया था। इससे रामी राम, नैन राम, मोहन राम, सरिता देवी, बिशना देवी, राजेश महर, गणेश महर आदि ग्रामीणों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। इस संबंध में एसडीएम एसके पांडेय का कहना है कि गांव की समस्या और नुकसान का आकलन करा लिया गया है।
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शुक्रवार को मौसम साफ होने के बाद जुलगांव के ग्रामीणों ने सुरक्षा दीवार बनानी शुरू कर दी है। इसके तहत बरसाती नाले पर चार फुट ऊंची और 20 फुट लंबी कंक्रीट की दीवार बनाई जा रही है। निर्माण के लिए ग्रामीणों ने मजदूूरों की मदद से आसपास से पत्थर आदि सामग्री जमा की है। ग्रामीणों के आपसी सहयोग और श्रमदान से दीवार का निर्माण किया जा रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य विक्रम महर ने बताया कि अब तक प्रशासन और विभाग ने गांव को बाढ़ से बचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।
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गांव में बरसाती नाला बारिश के बीच खतरे का सबब बना है। आसमानी आफत से निपटने के लिए सुरक्षा दीवार की योजना बनाई है। ग्रामीण खुद के संसाधनों और श्रमदान से दीवार बनाने में जुटे हैं। बता दें कि दो दिन पहले मूसलाधार बारिश के बाद गांव से गुजर रहा बरसाती नाला उफान पर आ गया था। बारिश के साथ नाले का पानी और मलबा दर्जनों मकानों और दुकान में घुस गया था। इससे रामी राम, नैन राम, मोहन राम, सरिता देवी, बिशना देवी, राजेश महर, गणेश महर आदि ग्रामीणों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। इस संबंध में एसडीएम एसके पांडेय का कहना है कि गांव की समस्या और नुकसान का आकलन करा लिया गया है।
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